पोटका में मलेरिया प्रकोप पर विधायक संजीव सरदार का अहम दौरा, राहत कार्यों में तेजी
JSRnews.com | Local | 29 Jun 2026
परिचय
पोटका प्रखंड में मलेरिया की तीव्र बढ़ोतरी के बीच स्थानीय विधायक संजीव सरदार ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने संक्रमित क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य विभाग को आदेश दिए कि वे जल्द से जल्द संक्रमण पर नियंत्रण में कदम उठाएं।
मुख्य बिंदु
- विधायक संजीव सरदार ने प्रभावित गांवों का दौरा किया।
- सानग्राम गांव में ब्रेन मलेरिया से छात्रा की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया।
- कोंदर गांव में दो बच्चों की मौत के बाद राहत कार्यों का कड़ा निरीक्षण किया गया।
- स्वास्थ्य विभाग को डीडीटी छिड़काव व दवा वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
- डीडीटी अभियान बंद होने को मलेरिया बढ़ने का कारण बताया गया।
पृष्ठभूमि
पोटका क्षेत्र में मलेरिया संक्रमण का प्रकोप वर्षों से जारी है, लेकिन हाल ही में इस बीमारी ने विकराल रूप ले लिया है। ब्रेन मलेरिया जैसी खतरनाक स्थिति में बच्चों एवं युवाओं की मौते चिंताजनक संकेत हैं। देश के कई हिस्सों में मलेरिया नियंत्रण के लिए डीडीटी छिड़काव अभियान चलाए जाते रहे हैं, लेकिन पोटका में इन गतिविधियों में कमी ने संक्रमण को बढ़ावा दिया है।
मलेरिया प्रकोप का नवीनतम समाचार
हाल के दिनों में सानग्राम गांव में एक छात्रा की ब्रेन मलेरिया से मौत हुई, जिसके बाद विधायक संजीव सरदार ने वहां जाकर परिवार से मुलाकात की एवं संवेदनाएं दीं। कोंदर गांव में दो बच्चों की मृत्यु के बाद राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई। विधायक ने स्वास्थ्य विभाग को हर घर पहुंचकर जांच और दवाइयों का वितरण करने का आदेश दिया। उन्होंने जागरूकता अभियान भी तेज करने पर बल दिया।
आधिकारिक बयान
विधायक संजीव सरदार ने स्पष्ट किया कि "केंद्र सरकार के डीडीटी छिड़काव अभियान बंद होने से मलेरिया का खतरा कई इलाकों में बढ़ गया है। हमें तेजी से डीडीटी छिड़काव अभियान फिर से लागू करना होगा ताकि संक्रमण की श्रृंखला टूट सके।" उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जांच, दवा वितरण व जनजागरूकता कार्यक्रमों को त्वरित बनाएं।
जनता पर प्रभाव
मलेरिया के बढ़ते प्रभाव से स्थानीय लोगों में भय और चिंता है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत पहले से ज्यादा महसूस की जा रही है। विधायक के दौरे ने ग्रामीणों को उम्मीद दी कि प्रशासन उनके स्वास्थ्य के प्रति सजग है और जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।
आगे क्या होगा?
अगले कुछ दिनों में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर डीडीटी छिड़काव किया जाएगा। लगातार जांच बूथ लगाए जाएंगे तथा दवाओं का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। विधायक ने बताया कि प्रशासन सतर्क रहेगा और किसी भी लापरवाही की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही जागरूकता अभियान से आम जनता को बीमारी की पहचान और बचाव के तरीकों से अवगत कराया जाएगा।
निष्कर्ष
पोटका में मलेरिया के प्रकोप ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है। विधायक संजीव सरदार के प्रयास राहत एवं बचाव कार्यों में गति लाने में मील का पत्थर साबित होंगे। विस्तृत डीडीटी छिड़काव एवं जागरूकता अभियान से इस बीमारी को नियंत्रित करने में सफलता मिलने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- मलेरिया क्या है? – यह मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है।
- ब्रेन मलेरिया क्या होता है? – यह मलेरिया का अत्यंत खतरनाक प्रकार है जिसमें मस्तिष्क प्रभावित होता है।
- डीडीटी छिड़काव का क्या महत्व है? – यह मच्छरों को मारने का प्रभावी तरीका है जिससे मलेरिया का प्रसार रोका जाता है।
- पोटका में मलेरिया की स्थिति कैसी है? – हाल ही में संक्रमण तेज हुआ है जिससे कई मृत्युएं हुई हैं।
- सरकार क्या कदम उठा रही है? – जांच, दवा वितरण और डीडीटी छिड़काव अभियान को पुनः तेज किया जा रहा है।



