पूर्वी सिंहभूम में साइबर ठगी का सच: लिंक भेज कर 3 लाख रुपये उड़ाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
JSRnews.com | Crime | 10 Jul 2026
परिचय
पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया क्षेत्र में साइबर ठगी के एक गंभीर मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश किया है। आरोप है कि साइबर अपराधियों ने जालसाजी के जरिए एक व्यक्ति के खाते से करीब 3 लाख रुपये निकाल लिए। इस मामले ने डिजिटल सुरक्षा के महत्व को फिर से हाइलाइट कर दिया है।
मुख्य तथ्य
- डुमरिया थाने में साइबर ठगी की रिपोर्ट मिली।
- दो आरोपियों विकास बारिक और अजय कुमार नायक को गिरफ्तार किया गया।
- चार्जशीट में कृष्ण ओझा का भी नाम शामिल।
- मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज पुलिस ने जब्त किए।
- तीनों के खिलाफ साइबर अपराध के तहत मामला दर्ज।
पृष्ठभूमि
आज के डिजिटल युग में साइबर ठगी आम होती जा रही है। पूर्वी सिंहभूम में भी हाल ही में एक नागरिक ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई कि उसके मोबाइल नंबर पर एक संदिग्ध लिंक आया था। उस लिंक के जरिए उसकी बैंक खाते से बड़े पैमाने पर पैसा अवैध रूप से निकाल लिया गया।
ताजा घटनाक्रम
पुलिस ने विशेष तकनीकी जांच के बाद दो प्रमुख आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में उन्होंने अपराध की जिम्मेदारी स्वीकार की। पुलिस को जांच में कृष्ण ओझा की भी भूमिका मिली है। तीनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू की गई है।
अधिकृत बयान
पुलिस उपाधीक्षक मुसाबनी रोहित कुमार रजवार ने बताया कि डुमरिया थाना क्षेत्र में साइबर ठगी के खिलाफ विशेष टीम ने सघन जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वे साइबर अपराध रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखेंगे।
जनता पर प्रभाव
यह घटना स्थानीय निवासियों को डिजिटल सुरक्षा को लेकर सावधान करती है। लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने तथा बैंक डिटेल्स सुरक्षित रखने की सलाह दी जा रही है। साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है, इसलिए जागरूकता जरूरी है।
आगे क्या होगा?
पुलिस मामले की जांच जारी रखेगी और अन्य संबंधित अपराधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। साथ ही साइबर ठगी से जुड़े मामलों में सख्ती से कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है ताकि इस तरह के अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।
निष्कर्ष
पूर्वी सिंहभूम में हुई इस साइबर ठगी ने यह दिखा दिया है कि डिजिटल फ्रॉड किस तरह से आम लोगों को प्रभावित करता है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई कर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन साथ ही आम जनता के लिए सतर्क रहने की भी आवश्यकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- साइबर ठगी क्या है? – यह ऑनलाइन धोखाधड़ी का एक प्रकार है जिसमें अपराधी लोगों को झांसे में लेकर उनके धन या जानकारी चुरा लेते हैं।
- संदिग्ध लिंक आने पर क्या करें? – ऐसे लिंक पर कभी क्लिक न करें और तुरंत पुलिस को सूचित करें।
- क्या पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़ा है? – अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जांच बाकी आरोपियों तक पहुँचने की है।
- क्या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करना जरूरी है? – हाँ, इससे जांच में तेजी आती है और अपराधी पकड़े जाते हैं।
- अपने आप को कैसे बचाएं? – बैंक डिटेल्स को सुरक्षित रखें, संदिग्ध लिंक न खोलें और डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतें।



