पीएम मॉल के मैनेजर पर महिला कर्मचारी ने प्रताड़ना, धमकी और छेड़खानी का आरोप लगाया
JSRnews.com | Crime | 18 Jul 2026
परिचय
जामशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में स्थित पीएम मॉल के एक महिला कर्मचारी ने अपने मॉल के मैनेजर प्रशांत सिंह पर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना, छेड़खानी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिलाओं के प्रति इस तरह की घटनाएं सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल की सुरक्षा नियमों पर सवाल खड़े करती हैं।
मुख्य तथ्य
- महिला कर्मचारी ने पिछले तीन वर्षों से डाबर न्यू शॉप में नौकरी कर रही है।
- उसने मैनेजर पर अवैध संबंध बनाने का दबाव और धमकी देने का आरोप लगाया।
- पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है और सुरक्षा की मांग की गई है।
- शिकायत के अनुसार आरोपी ने झूठे मामलों में फंसाने और नौकरी से निकालने की धमकी भी दी।
पीएम मॉल मैनेजर पर महिला कर्मचारी का आरोप: पृष्ठभूमि
पीड़िता का कहना है कि तीन वर्षों से काम करते हुए उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उसने बताया कि मैनेजर लगातार उससे अवैध संबंध बनाने का दबाव बनाता था, जो उसने अस्वीकार किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकियां दीं। पीड़िता आर्थिक रूप से कमजोर है और उसके परिवार का एकमात्र सहारा उसकी नौकरी है, इसलिए वह भय और तनाव की स्थिति में जी रही है।
स्थिति पर नवीनतम अपडेट
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला ने बिष्टुपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। आरोपी पक्ष की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। इस मामले की जांच जारी है और भविष्य में कानूनी कार्रवाई संभव है।
पीएम मॉल मैनेजर पर महिला कर्मचारी का आरोप: अधिकारी बयान
बिष्टुपुर थाना पुलिस ने कहा है कि शिकायत दर्ज हो चुकी है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पीड़िता की सुरक्षा भी प्राथमिकता में रखी जा रही है। आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में कार्रवाई की जाएगी यदि आरोप सही पाए जाते हैं।
प्रभाव जनता पर
इस मामले ने स्थानीय निवासियों और कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। कार्यस्थल पर कर्मचारियों के प्रति इस तरह के दुर्व्यवहार से माहौल खराब होता है और अन्य कर्मचारियों में भय का माहौल बनता है।
फोकस की आवश्यकता और आगे क्या होगा?
पुलिस जांच के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही महिला कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े नियम बनाने की मांग की जा रही है ताकि समान घटनाएं पुनः न हों।
निष्कर्ष
पीएम मॉल मैनेजर के खिलाफ महिला कर्मचारी द्वारा लगाए गए आरोप से कार्यस्थल सुरक्षा और महिला अधिकारों के प्रति ध्यान आकर्षित हुआ है। इस प्रकार के मामलों में न्याय और सुरक्षा दोनों आवश्यक हैं ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और सुरक्षित माहौल बन सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या महिला कर्मचारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है?
जी हां, पीड़िता ने बिष्टुपुर थाने में लिखित शिकायत दी है। - क्या पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई की?
पुलिस मामले की जांच कर रही है, अभी कोई ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है। - पीड़िता की शिकायत में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं?
प्रताड़ना, धमकी, छेड़खानी, मारपीट, नौकरी से निकालने की धमकी आदि शामिल हैं। - क्या आरोपी पक्ष से कोई बयान मिला है?
अभी तक आरोपी पक्ष की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। - पीड़िता की आर्थिक स्थिति क्या है?
पीड़िता आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है और उसकी 10 वर्षीय बेटी है।



