पितकी ओवरब्रिज पर पुलिस वसूली का आरोप, स्थानीय लोगों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
JSRnews.com | Local | 30 Jul 2026
परिचय
झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र में पितकी रेलवे फाटक के नीचे पुलिसकर्मियों पर वाहन चालकों से अवैध वसूली के आरोप ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किया है। एक वायरल वीडियो के माध्यम से यह मामला सार्वजनिक हुआ है, जिसने लोगों के बीच पुलिस विश्वास पर संकट पैदा कर दिया है।
प्रमुख बिंदु
- पितकी ओवरब्रिज के नीचे पुलिस द्वारा अवैध वसूली का आरोप
- वाहन चालकों से पैसों की मांग का वायरल वीडियो
- स्थानीय लोगों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग
- चांडिल थाना प्रभारी की जांच कर रहे होने की बात
पृष्ठभूमि
पितकी रेलवे फाटक राष्ट्रीय राजमार्ग-18 पर स्थित है, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। रेलवे फाटक के कारण यहां जाम लगना आम बात है, जिससे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ जाती है। इसी अवसर का फायदा उठाकर कई बार अवैध वसूली की शिकायतें सामने आई हैं। पिछले वर्षों में भी यहां इसी प्रकार के आरोप लगते रहे हैं, जिससे पुलिस प्रशासन की छवि धूमिल हुई है।
नवीनतम घटनाक्रम
हाल ही में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें देखा जा सकता है कि वर्दीधारी पुलिसकर्मी एक वाहन को रोककर उससे पैसों की मांग कर रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोग काफी नाराज हैं और उन्होंने जिला प्रशासन व पुलिस अधीक्षक से तुरंत मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
आधिकारिक बयान
चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी ने बयान देते हुए कहा कि पितकी फाटक नीमडीह थाना क्षेत्र में आता है। वे वायरल वीडियो के बारें में अनजान हैं और जांच के बाद ही संबंधित पुलिसकर्मियों की पहचान और घटना का कारण स्पष्ट किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रामाणिक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
जनता पर प्रभाव
स्थानीय लोगों का मानना है कि पुलिस के वर्दीधारी कर्मियों द्वारा वसूली की घटनाओं से आम जनता का पुलिस पर भरोसा कमजोर हो रहा है। यातायात जाम और भीड़भाड़ वाली जगहों का दुरुपयोग कर इस प्रकार के कृत्य समाज में अनिश्चितता और असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।
आगे क्या होगा?
अब जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से यह उम्मीद की जा रही है कि वे मामले की त्वरित और निष्पक्ष छानबीन करेंगे। जांच में यदि यह आरोप सत्य पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अंजाम दी जाएगी। इस प्रक्रिया से न केवल कानून व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि जनता का पुलिस पर विश्वास भी पुनः स्थापित होगा।
निष्कर्ष
पितकी ओवरब्रिज पर पुलिसकर्मियों द्वारा अवैध वसूली के आरोप ने क्षेत्रीय जनता को चिंतित कर दिया है। प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए यह चुनौती है कि वे पारदर्शिता और न्याय की स्थापना कर ऐसी घटनाओं को दोबारा रोकें। निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई से ही इस मामले को शांत किया जा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या वायरल वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मी चांडिल थाना के हैं?
प्रशासन ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, जांच जारी है। - पितकी ओवरब्रिज पर इस तरह की शिकायतें कितनी बार हुई हैं?
पिछले कुछ वर्षों में भी इस तरह की कई शिकायतें सामने आई हैं। - जिला प्रशासन इस मामले पर क्या कार्रवाई कर रहा है?
स्थानीय लोगों ने जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। - अवैध वसूली की घटनाओं से कैसे बचा जा सकता है?
पुलिस विभाग की पारदर्शिता बढ़ाकर और निगरानी कड़ी करके इस प्रकार के कृत्यों को रोका जा सकता है। - क्या जनता पुलिस पर विश्वास बनाए रख सकती है?
सामाजिक विश्वास के लिए निष्पक्षता और कानून के पालन को सुनिश्चित करना जरूरी है।



