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NIT Jamshedpur के तीन छात्रों को 13 लाख पैकेज, मिसाइल तकनीक पर काम शुरू

NIT Jamshedpur के तीन छात्रों को 13 लाख पैकेज, मिसाइल तकनीक पर काम शुरू

JSRnews.com  |  Technology  |  13 Jun 2026

परिचय

एनआईटी जमशेदपुर के तीन छात्रों ने मिसाइल तकनीक में काम करने वाली एक प्रमुख रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में नौकरी पाकर अपनी विशिष्ट योग्यता साबित की है। ये तीनों छात्र इलेक्ट्रॉनिक्स, कम्युनिकेशन, और मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से हैं और अब उन्हें 13 लाख प्रति वर्ष की शानदार सैलरी मिली है।

मुख्य बिंदु

  • एनआईटी जमशेदपुर के छात्र देश की रक्षा क्षेत्र में उन्नत लक्ष्य पहचान तकनीक पर काम करेंगे।
  • छात्रों को वर्षाना 13 लाख रुपये का आकर्षक पैकेज मिला है।
  • मिसाइल प्रणाली में सीकर तकनीक का विकास इनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा होगा।
  • संस्थान के निदेशक का कहना है कि यह सफलता संस्थान और छात्रों की कड़ी मेहनत का फल है।

पृष्ठभूमि

देश में रक्षा तकनीक में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए उन्नत मिसाइल तकनीक का विकास आवश्यक है। सीकर तकनीक, जो मिसाइल की लक्ष्य पहचान और सटीक निशानेबाजी में अहम भूमिका निभाती है, पर काम करना इंजीनियरिंग छात्रों के लिए एक सम्मानपूर्ण और चुनौतीपूर्ण अवसर है। एनआईटी जमशेदपुर जैसी संस्थाओं की प्रतिबद्धता युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्र में अवसर प्रदान करने की है।

मिसाइल तकनीक की नवीनता

सीकर तकनीक मिसाइल को लक्षित वस्तु की पहचान करने, उसकी गतिविधियों पर नजर रखने और सटीक हिट सुनिश्चित करने का कार्य करती है। इस तकनीक में रडार, इन्फ्रारेड, लेजर समेत कई सेंसर शामिल होते हैं जो मिसाइल के लिए उसकी दिशा निर्धारण करते हैं। इस क्षेत्र में स्वदेशी शोध और विकास से रक्षा प्रणाली की ताकत में वृद्धि होगी और विदेशी निर्भरता कम होगी।

ताजा अपडेट

एनआईटी जमशेदपुर के लंका श्री लक्ष्मी प्रसन्ना कुमार, तनिषा श्रीवास्तव एवं प्रियांशु कुमार को देश की एक प्रमुख रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ने सलेक्ट किया है। ये तीनों छात्र फिलहाल मिसाइल के लक्ष्य पहचान तकनीक के विकास परियोजनाओं में सक्रिय योगदान देंगे।

आधिकारिक बयान

संस्थान के निदेशक प्रोफेसर गौतम सूत्रधार ने कहा, "छात्रों की यह सफलता हमारे संस्थान की गुणवत्ता और उनके कड़ी मेहनत का परिणाम है। हमें गर्व है कि हमारे छात्र देश की रक्षा तकनीक में योगदान देते हैं और वे भविष्य में भी इस क्षेत्र में नया आयाम स्थापित करेंगे।"

जनता पर प्रभाव

ऐसे उच्चस्तरीय रोजगार अवसर युवाओं में आत्मविश्वास और तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरणा प्रदान करते हैं। इसका सीधा असर स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर कौशल विकास तथा रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में होगा।

आगे क्या होगा?

तीनों चयनित इंजीनियरों के साथ देश की रक्षा तकनीक में नए शोध शुरू होंगे, जो मिसाइल प्रणाली की क्षमता को और बेहतर बनाएंगे। इससे भारत की सामरिक क्षमता मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रक्षा प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

निष्कर्ष

एनआईटी जमशेदपुर के इन छात्रों की प्राप्ति न केवल संस्थान की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है, बल्कि भारत की रक्षा तकनीक को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह सफलता देश के युवा इंजीनियरिंग प्रतिभाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • एनआईटी जमशेदपुर के छात्रों को कौन सी कंपनी ने चुना?
    देश की प्रमुख रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ने तीनों छात्रों को चुना है।
  • मिसाइल में सीकर तकनीक क्या करती है?
    यह तकनीक लक्ष्य की पहचान और मिसाइल को सही दिशा में मार्गदर्शन देती है।
  • कितनी सैलरी निर्धारित की गई है?
    छात्रों को 13 लाख रुपये सालाना का पैकेज मिला है।
  • क्या यह तकनीक भारत में विकसित हो रही है?
    हाँ, भारत आत्मनिर्भर रक्षा तकनीक के लिए इस क्षेत्र में तेजी से काम कर रहा है।
  • एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक ने क्या कहा?
    उन्होंने छात्रों की सफलता को संस्थान की गुणवत्ता और मेहनत का परिणाम बताया है।
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Jब
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JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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