नीलाभ सेनगुप्ता की FMGE में पहली कोशिश में सफलता, जमशेदपुर हुआ गौरवान्वित
JSRnews.com | Local | 07 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के युवा डॉक्टर नीलाभ सेनगुप्ता ने फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जामिनेशन (FMGE) पहली ही कोशिश में सफलता प्राप्त कर पूरे शहर का मान बढ़ाया है। विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद भारत में मेडिकल प्रैक्टिस के लिए FMGE उत्तीर्ण करना जरूरी होता है, जिसमें नीलाभ का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है।
मुख्य बातें
- नीलाभ ने जमशेदपुर के लॉयोला स्कूल से अपनी शिक्षा शुरू की।
- यूक्रेन और फिर जॉर्जिया से एमबीबीएस की डिग्री पूरी की।
- मार्च 2026 में डिग्री प्राप्त कर जमशेदपुर लौटे।
- FMGE परीक्षा के लिए रोज 18 घंटे तक पढ़ाई की।
- टाटा मेन हॉस्पिटल में ऑब्जर्वरशिप कर व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।
- पहली बार प्रयास में FMGE में सफल होकर परिवार और शहर का मान बढ़ाया।
पृष्ठभूमि
नीलाभ सेनगुप्ता ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जमशेदपुर के प्रतिष्ठित लॉयोला स्कूल से संपन्न की। प्लस-टू में बेहतर अंक हासिल करने के बाद उन्होंने यूक्रेन जाकर मेडिसिन की पढ़ाई शुरू की। हालांकि, कोविड-19 महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध के कारण उनकी पढ़ाई में बाधाएं आईं। बाद में उन्होंने जॉर्जिया स्थानांतरित होकर मेडिकल की पढ़ाई पूरी की।
नीलाभ सेनगुप्ता FMGE परीक्षा की तैयारी
मार्च 2026 में एमबीबीएस डिग्री संपन्न कर लौटने के बाद उन्होंने FMGE नामक अनिवार्य परीक्षा के लिए कड़ी मेहनत शुरू की। बताया जाता है कि नीलाभ ने लगभग रोज 18 घंटे तक नियमित रूप से पढ़ाई की, जिससे उनकी सफलता में बड़ी भूमिका थी। उन्होंने टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) में भी समय-समय पर विभिन्न अनुभागों का अवलोकन किया, जिससे चिकित्सा क्षेत्र का व्यावहारिक ज्ञान मिला।
आधिकारिक बयान
टाटा मेन हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सकों ने नीलाभ की समर्पित मेहनत और लगन की सराहना की है। परिवार के सदस्य और मित्र भी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं।
जनता पर प्रभाव
नीलाभ की सफलता ने जमशेदपुर के विद्यार्थियों में नई प्रेरणा जगी है। खासतौर पर वे छात्र जो विदेश में चिकित्सा अध्ययन के लिए जाते हैं, उनके लिए यह उदाहरण के रूप में सामने आया है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता संभव है।
अगला कदम
अब नीलाभ सेनगुप्ता राज्य और शहर के मेडिकल क्षेत्र में सक्रिय होकर अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। उनकी इस सफलता से उम्मीद की जाती है कि और युवाओं को भी विदेश से शिक्षा लेकर देश में योगदान देने की प्रेरणा मिलेगी।
निष्कर्ष
नीलाभ सेनगुप्ता की मेहनत और लगन ने FMGE परीक्षा में पहली बार में सफलता दिलाकर जमशेदपुर के नाम को गौरवान्वित किया है। उनकी कहानी उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत है जो मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में सपने सजाते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- FMGE परीक्षा क्या है?
यह फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए भारत में प्रैक्टिस शुरू करने से पहले अनिवार्य परीक्षा है। - नीलाभ ने कहाँ से मेडिकल की पढ़ाई की?
उन्होंने यूक्रेन से शुरू की और जॉर्जिया से एमबीबीएस पूरी की। - उनकी सफलता में सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
कोविड महामारी और यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच पढ़ाई जारी रखना। - FMGE परीक्षा पास करना क्यों जरूरी है?
भारत में विदेशी मेडिकल ग्रेजुएट्स को मेडिकल प्रैक्टिस के लिए प्रमाणित करने के लिए। - नीलाभ की आगामी योजनाएँ क्या हैं?
चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में योगदान देना और युवा चिकित्सा छात्रों के लिए मार्गदर्शन।



