तेलंगाना में मानसून में देरी, बारिश 5 जून के बाद संभव
तेलंगाना में मानसून आने में देरी होने की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष मानसून प्रणाली अपने निर्धारित समय से कुछ दिन बाद पहुंचेगी। वर्तमान में क्षेत्र में कम दबाव की स्थिति बनी हुई है जो मानसून की गति को प्रभावित कर रही है।
JSRnews.com | Trending | 26 May 2026
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की बारिश सामान्य से देरी से 5 जून के बाद शुरू होगी। इससे किसानों को अपनी फसलों की बुवाई समय पर करने में कठिनाई हो सकती है। वहीं, जल संसाधनों पर भी इसका प्रभाव पड़ने की संभावना है जिससे पेयजल और सिंचाई की समस्या हो सकती है।
मानसून विलंब के कारण और प्रभाव
मौसम विभाग के मापदंड बताते हैं कि अरब सागर से मानसूनी हवाओं का दबाव अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा है। साथ ही, दक्षिण-पश्चिम मानसून दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ रहा है। इन कारणों से मानसून प्रणाली पूर्व निर्धारित समय से विलंब से दाखिल हो रही है।
मानसून में देरी से क्षेत्र में गर्मी अधिक बनी रहेगी और किसानों को फसलों की कटाई या बोवाई में चिन्ता हो सकती है। इसके साथ ही जल संरक्षण एवं प्रबंधन को लेकर भी तैयारी करनी होगी ताकि पानी की कमी से बचा जा सके।
5 जून के बाद बारिश की संभावना
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, 5 जून के बाद मानसूनी हवाओं की गति बढ़ने और दबाव क्षेत्र मजबूत होने की संभावना है, जिससे तेलंगाना समेत आसपास के राज्यों में सामान्य मानसून बारिश शुरू होगी। यह विकास आषाढ़ के महीने में बारिश की शुरुआत की पुष्टि करता है।
मानसून की बारिश शुरू होते ही कृषि कार्यों को गति मिलेगी, जिससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी। स्थानीय प्रशासन को भी मानसून के विलंब से जुड़ी तैयारियां करनी चाहिए ताकि प्रभावित होने वाले क्षेत्रों को समय पर सहायता मिल सके।
इस प्रकार, तेलंगाना में मानसून के देरी से आने के बावजूद 5 जून के बाद बारिश की संभावना बनी हुई है, जिसका पूरे क्षेत्र में जल संसाधन और कृषि कार्यों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।