एमजीएम अस्पताल में महिला डॉक्टर पर मरीज के परिजन ने किया थप्पड़ मारने का आरोप
JSRnews.com | Local | 26 Jun 2026
परिचय
जमशेदपुर के मानगो-डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल के गायनिक विभाग में एक महिला डॉक्टर और मरीज के परिजनों के बीच गुरुवार सुबह विवादित घटना घटी, जिसके कारण अस्पताल परिसर में तनाव फैल गया। महिला डॉक्टर पर मरीज के परिवार के सदस्य ने थप्पड़ मारने का आरोप लगाया है, जो स्थानीय चर्चा का विषय बन गया है।
मुख्य बिंदु
- 6:15 बजे ऑपरेशन थिएटर के बाहर महिला डॉक्टर व मरीज के परिजन के बीच विवाद हुआ।
- परिजन के अनुसार, वह ओटी के बाहर केबिन के पास था, जबकि डॉक्टर ने झांकने का आरोप लगाया।
- विवाद के चलते महिला डॉक्टर ने युवक को थप्पड़ मार दिया था, जिससे हंगामा हुआ।
- अस्पताल सुरक्षा कर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराया।
- डॉक्टर पर आरोप के बाद प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया।
पृष्ठभूमि
एमजीएम अस्पताल जमशेदपुर का एक प्रमुख सरकारी अस्पताल है जहां महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी कई सेवाएं प्रदान की जाती हैं। गायनिक विभाग में ऑपरेशन थेयेटर की सुरक्षा व्यवस्था सख्त होती है। सामान्यत: ऑपरेशन के दौरान बाहर का क्षेत्र मरीजों के परिजन के लिए सीमित किया जाता है। ऐसे समय पर विवादित व्यवहार अस्पताल की साख पर प्रश्नचिह्न लगाता है।
एमजीएम अस्पताल महिला डॉक्टर विवाद का नवीनतम अपडेट
घटना के समय महिला डॉक्टर रात की ड्यूटी पर थीं। बातचीत के दौरान डॉक्टर ने परिजन से पूछा कि वे ऑपरेशन थिएटर में झांक रहे थे या नहीं। परिजन ने अपनी स्थिति साफ करते हुए कहा कि वे केवल बाहर केबिन में थे। कहासुनी बढ़ने पर डॉक्टर ने युवक को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद मरीज के परिवार ने कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया।
अधिकृत बयान
अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने वर्तमान में इस घटना से अनभिज्ञता जताई है और यह भी कहा है कि किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान अभी जारी नहीं किया गया है। मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई खुलासा नहीं हुआ है।
जनता पर प्रभाव
यह घटना स्थानीय लोगों के बीच असंतोष और चिंता बढ़ा रही है। मरीज और उनके परिजन अस्पताल में सुरक्षा और व्यवहारिकता को लेकर सवाल उठा रहे हैं, खासकर जब बात महिला डॉक्टरों के व्यवहार की आती है। यह मामला अस्पताल में भरोसे को प्रभावित कर सकता है।
आगे क्या होगा
मामले की गंभीरता को देखते हुए, मरीज के परिजन पुलिस या अस्पताल प्रशासन में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। साथ ही अस्पताल प्रबंधन को इस विवाद को सुलझाने और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाने की उम्मीद है। उचित जांच के बाद दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष
एमजीएम अस्पताल में महिला डॉक्टर पर मरीज के परिजन द्वारा लगाए गए थप्पड़ मारने के आरोप ने स्वास्थ्य केंद्र की विश्वसनीयता को चुनौती दी है। अस्पताल और संबंधित अधिकारियों को स्थिति को नियंत्रित करते हुए अपने कर्मचारियों और मरीजों के हितों की सुरक्षा करनी होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या एमजीएम अस्पताल ने घटना पर कोई आधिकारिक बयान दिया है? नहीं, अभी तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं हुआ है।
- मरीज के परिजन ने अदालत या पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है? घटना के बाद परिजन ने शिकायत करने की बात कही थी, मगर अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
- क्या घटना के बाद महिला डॉक्टर अस्पताल में कार्यरत हैं? घटना के कुछ समय बाद महिला डॉक्टर अस्पताल से चली गई थीं।
- क्या अस्पताल प्रशासन ने इस विवाद को सुलझाने के लिए कदम उठाए हैं? अस्पताल सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर आकर मामला शांत कराया, किन्तु प्रबंधन की तरफ से कोई विस्तृत कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली है।
- ऐसे विवादों से कैसे बचा जा सकता है? अस्पतालों में सुरक्षा और मरीज परिजनों के लिए स्पष्ट नियम और संवाद व्यवस्था जरूरी है ताकि ऐसी घटनाएँ कम हों।



