एमजीएम अस्पताल में वेंटिलेटर सेवा शुरू न होने से गंभीर मरीज बेहाल
JSRnews.com | Local | 12 Jun 2026
परिचय
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में गंभीर रोगियों के इलाज के लिए लगाए गए वेंटिलेटर फिलहाल सक्रिय नहीं हो पाए हैं। अस्पताल ने स्वास्थ्यकर्मियों को वेंटिलेटर चलाने का प्रशिक्षण दिया है, लेकिन सेवा शुरू न होने से मरीजों को जीवनरक्षक सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
मुख्य बातें
- रांची से विशेषज्ञों का प्रशिक्षण मिला
- दो हॉल में कुल 17 वेंटिलेटर लगाए गए हैं
- एक हॉल में 10 वेंटिलेटर चालू हैं, दूसरे हॉल में 7 बंद पड़े हैं
- गंभीर मरीजों को उचित मदद नहीं मिल पा रही
पृष्ठभूमि
एमजीएम अस्पताल ने अपनी स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए वेंटिलेटर उपकरण लगाए हैं ताकि गंभीर मरीजों का बेहतर इलाज किया जा सके। इसके लिए रांची से विशेषज्ञ टीम को बुलाकर चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का प्रशिक्षण कराया गया था। वेंटिलेटर आधुनिक चिकित्सा उपकरण हैं, जो सांस लेने में असमर्थ मरीजों की जान बचाने में मदद करते हैं।
ताजा अपडेट्स
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में दो अलग-अलग वार्ड में कुल 17 वेंटिलेटर लगाए गए हैं। पहले वार्ड में मौजूद 10 वेंटिलेटर चालू हैं और मरीजों को सेवा दी जा रही है, जबकि अन्य वार्ड में लगे 7 वेंटिलेटर अभी तक सेवा में नहीं आ सके हैं। इस वार्ड में न तो मरीजों का शिफ्टिंग हुआ है और न ही वेंटिलेटर का संचालन शुरू हुआ है।
एमजीएम अस्पताल वेंटिलेटर सेवा
निदेशकों और अधिकारियों के बयान
अस्पताल प्रशासन ने पुष्टि की है कि प्रशिक्षण तो पूरा हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों और अस्पताल की अन्य व्यवस्थाओं के अभाव में सभी उपकरण फिलहाल चालू नहीं किये जा सके हैं। उन्होंने बताया कि जल्द से जल्द सभी वेंटिलेटर सेवाएं शुरू करने के प्रयास जारी हैं।
जनता पर प्रभाव
वेंटिलेटर सेवा शुरू न होने से गंभीर रूप से बीमार मरीजों को तत्काल सहायता नहीं मिल पाने की स्थिति बनी हुई है। इससे मरीजों और उनके परिवारों में चिंता और असुविधा बढ़ रही है। आधुनिक उपकरणों की अनुपलब्धता स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित कर रही है।
आगे क्या होगा
अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि जल्द ही तकनीकी बाधाओं को दूर कर सभी वेंटिलेटर चालू कर दिए जाएंगे ताकि मरीजों को बेहतर और समय पर जीवनरक्षक सहायता मिल सके। विशेषज्ञों की देखरेख में नियमित समीक्षा भी जारी रहेगी।
निष्कर्ष
एमजीएम अस्पताल में वेंटिलेटर सेवा शुरू न हो पाने की स्थिति गंभीर मरीजों के लिए चिंता का विषय है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जल्द से जल्द सभी उपकरणों का सुचारू संचालन आवश्यक है। यह कदम मरीजों के जीवन रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- वेंटिलेटर सेवा कब पूरी तरह शुरू होगी? अस्पताल प्रशासन शीघ्र सभी तकनीकी बाधाओं को दूर कर सेवा शुरू करने का प्रयास कर रहा है।
- क्या मरीज दूसरे अस्पतालों में जा रहे हैं? कुछ मरीज अन्य सुविधाओं वाले अस्पतालों की ओर शिफ्ट हो रहे हैं क्योंकि एमजीएम में वेंटिलेटर सेवा पूरी तरह सक्रिय नहीं है।
- प्रशिक्षण किस प्रकार दिया गया? रांची से आए विशेषज्ञों ने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को वेंटिलेटर संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
- अस्पताल में कितने वेंटिलेटर हैं? अस्पताल में कुल 17 वेंटिलेटर लगाए गए हैं, जिनमें से 10 सक्रिय हैं।
- अस्पताल प्रशासन क्या कर रहा है? वे तकनीकी बाधाओं को दूर करने और सेवाएं सुचारू करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।



