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एमजीएम अस्पताल में चौथी मंजिल से कूदने से मरीज की जान बची दूसरे मरीज की सतर्कता से

एमजीएम अस्पताल में चौथी मंजिल से कूदने से मरीज की जान बची दूसरे मरीज की सतर्कता से

JSRnews.com  |  Local  |  20 Jun 2026

परिचय
जमशेदपुर के डिमना क्षेत्र में स्थित एमजीएम अस्पताल में एक नाटकीय घटना ने सभी को चौंका दिया। एक मरीज ने जब आत्महत्या की कोशिश की, तब उसका जीवन एक अन्य सजग मरीज की बदौलत सुरक्षित रहा। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर एक गंभीर सवाल उठाती है।

मुख्य बिंदु

  • 52 वर्षीय सुफल सिंह को एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन वार्ड पार्ट-टू में रखा गया था।
  • उन्होंने चौथी मंजिल की खिड़की से कूदने की कोशिश की।
  • साथ में भर्ती दूसरे मरीज बलबीर पांडे ने समय रहते उनकी जान बचाई।
  • मरीज की मानसिक स्थिति बिगड़ी हुई थी, जिसके कारण वह असामान्य व्यवहार कर रहे थे।

पृष्ठभूमि

धालभूमगढ़ प्रखंड के ऊपरसोली गांव के रहने वाले 52 साल के सुफल सिंह 17 जून से एमजीएम अस्पताल में भर्ती थे। उन्हें तेज़ बुखार, सर्दी और शरीर में खिंचाव की शिकायत थी। शुक्रवार शाम को उन्हें मेडिसिन वार्ड पार्ट-टू के 451 नंबर बेड पर शिफ्ट किया गया था। पिछले दो दिनों से उनकी सेहत में गिरावट आई थी, जिससे वह मानसिक रूप से भी परेशान मोदी।

ताजा घटनाक्रम

शुक्रवार की रात अचानक सुफल सिंह ने वार्ड की चौथी मंजिल की खिड़की तक पहुंचकर कूदने का प्रयास किया। वह अपना आधा शरीर खिड़की के बाहर निकाल चुके थे, तभी उसी वार्ड में 453 नंबर बेड पर admitted बर्मामाइंस के बलबीर पांडे ने तुरंत स्थिति को भांपकर दौड़ लगाई और बड़ा हादसा होते-होते रोका। छज्जे की मौजूदगी ने बचाव में मदद की। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

एमजीएम अस्पताल के बयान

अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि मरीज की मानसिक स्थिति बिगड़ रही थी। परिजनों की सहमति और चिकित्सा सलाह के बाद मरीज को बाद में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन ने मरीज की सुरक्षा के लिए आगामी समय में सुरक्षा उपाय और कड़ी करने का आश्वासन दिया।

सार्वजनिक प्रभाव

इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया है। साथ ही अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। मरीज बलबीर पांडे की सतर्कता की लोगों ने व्यापक सराहना की।

आगे क्या होगा?

एमजीएम अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी प्रतिक्रिया प्रणाली मजबूत करने और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही है। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मरीजों की निगरानी बढ़ाने की योजना पर काम जारी है।

निष्कर्ष
एमजीएम अस्पताल में इस मरीज सुरक्षा की घटना ने अस्पतालों में मानवीय संवेदनशीलता और सजगता की अहमियत को रेखांकित किया है। यह एक प्रेरणादायक कहानी है कि किस प्रकार एक सजग मरीज ने दूसरे की जान बचाई।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • यह घटना कब हुई?
    शुक्रवार की रात एमजीएम अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में।
  • मरीज किस बीमारी से पीड़ित था?
    तेज बुखार, सर्दी और शरीर में खिंचाव।
  • मरीज की जान कैसे बची?
    साथ में भर्ती दूसरे मरीज बलबीर पांडे की तत्परता से।
  • अस्पताल ने क्या कदम उठाए?
    सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की योजना।
  • क्या मरीज अब ठीक है?
    चिकित्सकों की समीक्षा के बाद मरीज को छुट्टी दे दी गई है।
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JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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