एमजीएम अस्पताल में नशा प्रतिबंधः अटेंडर से गांजा और चिलम बरामद, कार्रवाई तेज
JSRnews.com | Local | 12 Jun 2026
परिचय
जमशेदपुर के मानगो डिमना इलाके में स्थित एमजीएम अस्पताल में नशे और तंबाकू उत्पादों के नियंत्रण को लेकर सख्त कार्रवाई जारी है। हाल ही में एक अटेंडर के पास से गांजा और चिलम बरामद किया गया है, जिससे अस्पताल परिसर में लागू नियमों की उल्लंघना सामने आई है।
मुख्य बिंदु
- एमजीएम अस्पताल परिसर में नशा प्रतिबंध अभियान तेज हुआ।
- मरीज के अटेंडर के पास से गांजा और एक चिलम जब्त।
- पोटका विधायक संजीव सरदार के निर्देश के बाद पुलिस और होमगार्ड की कड़ी जांच।
- महिला होमगार्ड जवानों की तैनाती से जांच और प्रभावी हुई।
- अस्पताल परिसर में नशे की सामग्री लाने पर भविष्य में और कड़ी कार्रवाई का आश्वासन।
पृष्ठभूमि
एमजीएम अस्पताल में पहले भी नशा और तंबाकू पदार्थों के अंदर प्रवेश की कई कोशिशें हुई हैं। तंबाकू तथा मादक पदार्थों पर अस्पताल परिसर में पूर्ण प्रतिबंध है। हालांकि, मरीजों के रिश्तेदारों द्वारा गुटखा, खैनी, सिगरेट व अन्य उत्पाद अस्पताल के भीतर लाने का प्रयास होता रहा है। पोटका विधायक संजीव सरदार के निरीक्षण के बाद प्रशासन ने विशेष अभियान की शुरूआत की है ताकि ऐसे उत्पादों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
ताजा घटनाक्रम
हालिया छानबीन के दौरान होमगार्ड जवानों ने एक व्यक्ति से गांजा की पुड़िया और चिलम बरामद किए, जो मरीज का अटेंडर बनकर अस्पताल में मौजूद था। महिला होमगार्ड जवानों की तैनाती से जांच की पहुंच और भी बढ़ गई है। इससे पहले भी तंबाकू प्रतिबंध उल्लंघन के कई मामले सामने आए हैं, जिनमें जुर्माने और चेतावनी भी दी गई।
अधिकारियों के बयान
अस्पताल प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि वेतन की समस्याओं के बावजूद होमगार्ड जवान नशामुक्त अस्पताल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जांच अभियान लगातार जारी रहेगा और नशे की सामग्री के साथ पकड़े जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी।
आम जनता पर प्रभाव
एमजीएम अस्पताल में नशा प्रतिबंध अभियान से मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा बढ़ेगी। मादक पदार्थों के प्रवेश पर रोक से अस्पताल का माहौल स्वच्छ और सुरक्षित बनेगा। यह कदम स्वास्थ्य संस्थानों में अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
जांच अभियान में बढ़ोतरी के साथ ही और भी सख्ती अपेक्षित है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा तंबाकू उत्पाद और नशीले पदार्थों के प्रवेश को पूरी तरह रोका जाएगा। पकड़े गए दोषियों पर कानूनी कार्रवाई के प्रस्तावित कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
एमजीएम अस्पताल में नशा और तंबाकू के खिलाफ जारी सख्ती प्रशासन के संकल्प की पहचान है। यह पहल न केवल अस्पताल की शुद्धता बल्कि मरीजों की स्वास्थ्य सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेगी। निरंतर निगरानी और सख्त कार्रवाई से अस्पताल परिसर को नशामुक्त बनाना संभव होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या एमजीएम अस्पताल परिसर में नशा पूरी तरह प्रतिबंधित है?
हाँ, अस्पताल परिसर में नशे और तंबाकू उत्पादों का सेवन और प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। - ताजा गिरफ्तारी कब हुई?
तलाशी के दौरान शुक्रवार को एक अटेंडर के पास से गांजा और चिलम बरामद हुआ। - क्या महिला होमगार्ड जवान भी जांच में शामिल हैं?
जी हाँ, महिला जवानों को भी अभियान में तैनात किया गया है ताकि महिलाओं की भी प्रभावी जांच हो सके। - अस्पताल में नशाशृंखला पर क्या कार्रवाई होती है?
कई मामलों में जुर्माना वसूला गया और कुछ मामलों में चेतावनी देने के बाद सख्ती से निपटा गया। - आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा कर्मी लगातार जांच अभियान में लगे रहेंगे और违规 करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।



