एमजीएम अस्पताल की दवा पर उठे सवाल, किशोर की सेहत बिगड़ी
JSRnews.com | Local | 21 Jun 2026
जमशेदपुर के मानगो थाना क्षेत्र अंतर्गत पारडीह निवासी 13 वर्ष के विश्वजीत की तबीयत अचानक खराब होने का मामला चिंताजनक बना हुआ है। जानकारी मिली है कि एमजीएम अस्पताल से प्राप्त दवा लेने के बाद विश्वजीत को उल्टी और मिचली की शिकायत हुई, जिसके बाद उसे भर्ती कराया गया। इस घटना ने अस्पताल की दवा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य तथ्य
- विश्वजीत को पेट दर्द की समस्या के कारण एमजीएम अस्पताल के ओपीडी में दिखाया गया था।
- डॉक्टर ने अल्बेंडाजोल नाम की कीड़ों की दवा सहित अन्य दवाएं लिखीं।
- दवा लेने के बाद किशोर की तबीयत बिगड़ी, उल्टी शुरू हो गई।
- दवा के पैकेट पर मार्च 2026 की एक्सपायरी तिथि लिखी मिली, परिजन ने एक्सपायरी दवा देने का आरोप लगाया।
- एमजीएम अस्पताल प्रबंधन ने दवा एक्सपायरी होने के आरोपों को खारिज किया है।
- स्वास्थ्य विभाग की जांच प्रक्रिया जारी है।
पृष्ठभूमि
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज कराने आए मरीजों के दवा काउंटर से मिलने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठे हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने हमेशा दवा और इलाज की गुणवत्ता को लेकर गंभीरता दिखाई है। विश्वजीत के परिवार ने दावा किया है कि दवा लेने के बाद ही उनकी तबीयत न बिगड़ती तो वे शिकायत दर्ज नहीं करते।
ताजा अपडेट
परिजनों के आरोपों के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की है। एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा ने मीडिया को बताया कि अस्पताल में उक्त दवा का स्टॉक खत्म हो चुका है और वे प्रारंभिक जांच में पाए गए तथ्यों के अनुसार एक्सपायरी दवा अस्पताल से जारी नहीं की गई है। जांच के बाद यह स्पष्ट किया जाएगा कि दोष कहां है और क्या कारण था किशोर की तबीयत बिगड़ने का।
अधिकारी बयान
डॉ. बलराम झा ने कहा, "हम इस मामले की तह तक जाएंगे। यदि किसी तरह की चूक पाए गए तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल की प्रतिष्ठा और मरीजों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।"
जनता पर प्रभाव
इस घटनाक्रम ने एमजीएम अस्पताल की छवि पर प्रभाव डाला है। स्थानीय लोग दवाओं की गुणवत्ता को लेकर आशंका जताने लगे हैं, जो कि स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास कम करने का कारण बन सकता है। किशोर के परिवार को भी इस संकट का सामना करना पड़ रहा है, जो समय पर सही इलाज की मांग कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
स्वास्थ्य विभाग जल्द ही मामले की विस्तृत जांच पूरी करेगा, जिसमें दवा का स्रोत, गुणवत्ता, और अस्पताल की भूमिका की पड़ताल शामिल होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा कि वास्तव में क्या कारण था किशोर की तबीयत बिगड़ने का।
निष्कर्ष
एमजीएम अस्पताल की दवाओं को लेकर उठे सवाल गंभीर हैं और स्वास्थ्य विभाग की जांच से ही तथ्य सामने आ सकते हैं। मरीजों की सुरक्षा व अस्पताल की विश्वसनीयता के लिए पारदर्शिता आवश्यक है। ऐसे मामलों में सही जानकारी और त्वरित कार्रवाई से ही जनता का विश्वास बन पाया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या एमजीएम अस्पताल से एक्सपायरी दवाएं मिल रही हैं?
अस्पताल प्रबंधन ने एक्सपायरी दवा देने के आरोपों का खंडन किया है और मामले की जांच चल रही है। - विश्वजीत की वर्तमान स्थिति क्या है?
विश्वजीत को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका उपचार जारी है। - जांच कब तक पूरी होगी?
स्वास्थ्य विभाग जल्द जांच पूरी कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएगा, परन्तु अभी कोई निश्चित समय नहीं बताया गया है। - क्या अन्य मरीजों को भी खतरा हो सकता है?
जब तक जांच पूरी नहीं होती, अन्य मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। - पारिवारिक सदस्य क्या चाहते हैं?
विश्वजीत के परिवार को अस्पताल की ओर से उचित जवाब और जांच में पारदर्शिता की मांग है।



