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एमजीएम अस्पताल के होमगार्डों का भत्ता विवाद: चार महीने से लंबित, सरकार पर दबाव बढ़ा

एमजीएम अस्पताल के होमगार्डों का भत्ता विवाद: चार महीने से लंबित, सरकार पर दबाव बढ़ा

JSRnews.com  |  Local  |  02 Jul 2026

जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कार्यरत होमगार्डों ने अपने चार महीने से लंबित भत्ते को लेकर प्रशासन पर गंभीर नाराजगी जताई है। वार्षिक और नियमित भुगतान न मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। उन्होंने 30 जून को पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को ज्ञापन देकर भुगतान की त्वरित मांग की है।

मुख्य बिंदु

  • एमजीएम अस्पताल के होमगार्डों को भत्ता चार महीने से नहीं मिला।
  • 5 और 6 जुलाई को काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण ड्यूटी का ऐलान।
  • भत्ता भुगतान न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी।
  • अधिकारियों को ज्ञापन की प्रतिलिपि भेजी गई।

पृष्ठभूमि

एमजीएम अस्पताल के होमगार्ड स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं में अहम भूमिका निभाते हैं। वे अस्पताल परिसर की निगरानी और संचालन में प्रशासनिक सहायता करते हैं। भत्ता विशेष रूप से उनके आर्थिक संरक्षण और मानदेय का हिस्सा है, जो लंबित होने से उनकी रोज़मर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।

मामले के ताजा अपडेट

होमगार्डों ने 30 जून को उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने चार महीने से लंबित भत्ते की समस्या का जल्द समाधान मांगते हुए 5 व 6 जुलाई को काली पट्टी बांधकर ड्यूटी करने का निर्णय लिया है। यह उनका प्रतीकात्मक विरोध होगा जिसमें वे कार्यरत रहेंगे लेकिन भत्ते की मांग को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करेंगे।

आधिकारिक बयान

एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं झारखंड गृह रक्षा वाहिनी के जिला समादेष्टा सहित अन्य अधिकारियों को भी ज्ञापन से अवगत कराया गया है। होमगार्डों ने कहा है कि सभी संबंधित अधिकारियों से अपील है कि वे हस्तक्षेप कर लंबित राशि की भुगतान प्रक्रिया को त्वरित करें।

जनता पर प्रभाव

भत्ता न मिलने से होमगार्डों के परिवार वित्तीय संकट में हैं, जो मानसिक दबाव और कार्य की गुणवत्ता पर भी असर डालता है। स्थिर सुरक्षा व्यवस्था के लिए यह भुगतान आवश्यक है, और जनता एमजीएम अस्पताल में निरंतर उच्च स्तरीय सुरक्षा और सेवा की अपेक्षा करती है।

आगे क्या होगा?

अगर इस मुद्दे का त्वरित समाधान नहीं निकला तो होमगार्डों ने चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है, जिससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में व्यवधान की संभावना हो सकती है। प्रशासन की ओर से उचित कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है।

निष्कर्ष

एमजीएम अस्पताल के होमगार्डों का चार माह से लंबित भत्ते का विवाद पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारिकों के लिए चुनौती बन चुका है। समय पर भुगतान न होने से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना है, जिसकी वजह से जल्द संज्ञान लेना आवश्यक है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • एमजीएम अस्पताल के होमगार्डों का भत्ता क्यों लंबित है?
    अधिकारियों के अनुसार प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में देरी के कारण भुगतान रुका हुआ है।
  • भत्ते का भुगतान कब तक हो सकता है?
    अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि शीघ्र वित्तीय समाधान किया जाएगा, लेकिन कोई ठोस तिथि अभी घोषित नहीं हुई है।
  • क्या आंदोलन की वजह से अस्पताल की सुरक्षा प्रभावित होगी?
    होमगार्डों ने स्पष्ट किया है कि उनका विरोध शांतिपूर्ण और प्रतीकात्मक होगा, जो सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावित नहीं करेगा।
  • क्या अन्य अस्पतालों में भी ऐसे भत्ता भुगतान में देरी होती है?
    ऐसे मामले कुछ सरकारी अस्पतालों में समय-समय पर सामने आते रहते हैं, जो प्रबंधन की चुनौतियों को दर्शाते हैं।
  • प्रशासन ने इस मुद्दे पर क्या कदम उठाए हैं?
    अधिकारियों ने ज्ञापन प्राप्ति की पुष्टि की है और वे भुगतान प्रक्रिया को जल्द पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।
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JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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