एमजीएम बर्न यूनिट को 1.31 करोड़ रुपये की मंजूरी, गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा
JSRnews.com | Local | 23 Jun 2026
परिचय
झारखंड सरकार ने जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की बर्न यूनिट को 1.31 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है ताकि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का इलाज और बेहतर बनाया जा सके। यह कदम चिकित्सा सुविधाओं में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
मुख्य बातें
- एमजीएम बर्न यूनिट के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1.31 करोड़ रुपये स्वीकृत।
- नवीनतम चिकित्सा उत्पाद मैट्रीडर्म की खरीद के लिए धन आवंटित।
- झारखंड सरकार ने चिकित्सा सामग्री खरीद में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- कोल्हान प्रमंडल के गंभीर झुलसे मरीज भी इस सुविधा से लाभान्वित होंगे।
पृष्ठभूमि
आग में झुलसने वाले मरीजों का उपचार चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि इन मरीजों की त्वचा पुनर्निर्माण और घाव भरने की प्रक्रिया विशेष चिकित्सा संसाधनों पर निर्भर करती है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज का बर्न यूनिट झारखंड के इससे जुड़े सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है, जो गंभीर मामलों का इलाज करता है।
एमजीएम बर्न यूनिट के लिए वित्तीय सहायता
स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के लिए 1 करोड़ 31 लाख 40 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की है, जिसका इस्तेमाल मैट्रीडर्म जैसी अत्याधुनिक चिकित्सा सामग्री खरीदने में होगा। विशेषज्ञ मानते हैं कि मैट्रीडर्म गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के घावों के उपचार में टर्निंग प्वाइंट साबित होगा।
नवीनतम अपडेट
चिकित्सा सामग्री की खरीद प्रक्रिया ओपन टेंडर, ई-टेंडर या सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के माध्यम से पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की जाएगी। एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. बलराम झा योजना के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो राशि की निकासी जमशेदपुर कोषागार से करेंगे।
विभागीय निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने जोर दिया है कि सभी कार्य झारखंड वित्तीय नियमावली और संबंधित नियमों का पालन करते हुए होंगे ताकि स्वीकृत राशि का सही उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
सरकारी वक्तव्य
डॉ. बलराम झा ने बताया, "यह स्वीकृति हमारे लिए न केवल एक वित्तीय सहायता है, बल्कि यह मरीजों के बेहतर उपचार के लिए एक बड़ा कदम है। नवीनतम चिकित्सा उपकरण और उत्पादों का उपयोग मरीजों की रिकवरी में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।"
जनता पर प्रभाव
यह पहल न केवल जमशेदपुर के मरीजों के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि कोल्हान प्रमंडल सहित आसपास के जिलों से आने वाले गंभीर वजह झुलसे मरीज भी बेहतर उपचार सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बर्न यूनिट को नवीनतम संसाधनों से लैस करने की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। इसके बाद यह देखना होगा कि अस्पताल में नई तकनीकों का प्रभाव इलाज की दक्षता व मरीजों के स्वास्थ्य सुधार में कैसे परिलक्षित होता है।
निष्कर्ष
एमजीएम बर्न यूनिट को मिली यह वित्तीय सहायता झुलसे मरीजों के इलाज को बेहतर और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल मरीजों की जिंदगी में सुधार आएगा, बल्कि यह झारखंड की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में भी एक सकारात्मक बदलाव का संकेत देगा।
प्रश्न और उत्तर (FAQ)
- प्रश्न: एमजीएम बर्न यूनिट के लिए कितनी राशि स्वीकृत हुई है?
उत्तर: 1.31 करोड़ रुपये की राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत हुई है। - प्रश्न: इस राशि का उपयोग किस चीज़ के लिए किया जाएगा?
उत्तर: स्वीकृत राशि का उपयोग विशेष रूप से मैट्रीडर्म जैसे अत्याधुनिक चिकित्सा उत्पाद की खरीद में होगा। - प्रश्न: यह पहल किन मरीजों के लिए लाभकारी है?
उत्तर: इस योजना से जमशेदपुर और कोल्हान प्रमंडल के गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। - प्रश्न: खरीद प्रक्रिया कैसे होगी?
उत्तर: खरीदारी ओपन टेंडर, ई-टेंडर या सरकारी ई-मार्केटप्लेस पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी तरीके से की जाएगी। - प्रश्न: एमजीएम अस्पताल के अधीक्षक का क्या रोल है?
उत्तर: डॉ. बलराम झा कार्यक्रम के निकासी और व्ययन पदाधिकारी हैं और राशि की निकासी का प्रबंधन करेंगे।



