मानगो केनरा बैंक में 1.10 करोड़ के गोल्ड लोन का सोना गायब, पुलिस जांच में जुटी
JSRnews.com | Local | 22 Jul 2026
परिचय:
जमशेदपुर के मानगो में केनरा बैंक की कबीर मेमोरियल शाखा से करीब 1.10 करोड़ रुपये मूल्य के गोल्ड लोन के तहत गिरवी रखे गए सोने के गायब होने का मामला प्रकाश में आया है। बैंक द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आजादनगर थाना ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मुख्य बातें
- 1.10 करोड़ रुपये मूल्य के सोने के गायब होने की सूचना बैंक ने दी।
- पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
- शिकायत में कई पूर्व और वर्तमान बैंक अधिकारियों पर संदेह जाहिर किया गया।
- आंतरिक और बाहरी जांच जारी है।
पृष्ठभूमि
केनरा बैंक, मानगो की कबीर मेमोरियल शाखा में नियमित ऑडिट के दौरान اختلاف पाया गया, जब गोल्ड लोन से संबंधित रिकॉर्ड की तुलना लॉकर में रखे सोने से की गई। जांच में पाया गया कि करीब एक दर्जन पैकेट गायब हैं। प्रारंभिक जांच से यह आशंका जताई जा रही है कि यह गड़बड़ी 12 जून से 18 जून के बीच हुई होगी।
सोना गायब होने का मामला और जांच
बैंक के रीजनल मैनेजर मंगेश रामानाथन ने एफआईआर में कई अधिकारियों सहित दो अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत की है। इनमें तत्कालीन सीनियर मैनेजर, प्रथम लॉकर इंचार्ज, गोल्ड लोन अधिकारी और शाखा प्रभारी शामिल हैं। फिलहाल ये अधिकारी शाखा में नियुक्त नहीं हैं। पुलिस और बैंक दोनों ही मामले की पूरी तरह गहन जांच में लगे हुए हैं।
आधिकारिक बयान
जमशेदपुर के केनरा बैंक प्रबंधन ने कहा है कि आरोपों की पुष्टि के लिए जांच जारी है तथा आरोपियों को तलब कर सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने भी वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर तथ्य जुटाए जाने की सूचना दी है। फिलहाल सभी पक्ष जांच के परिणामों का इंतजार कर रहे हैं।
जनता पर प्रभाव
ऐसे घटनाक्रम से क्षेत्र के ग्राहकों के बीच बैंकिंग प्रणाली पर भरोसे को आघात पहुंच सकता है। साथ ही स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में भी विश्वास की कमी हो सकती है। नागरिक इस मामले की निष्पक्षता और त्वरित समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
पुलिस जांच के बाद ही मामले के असली पहलू सामने आएंगे। आवश्यकतानुसार मामले को कोर्ट में ले जाया जाएगा। बैंक प्रबंधन भी लॉकर सुरक्षा नीति तथा गोल्ड लोन प्रक्रिया की समीक्षा करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
निष्कर्ष
मानगो केनरा बैंक में सोना गायब होने का मामला गंभीर संदेहों और सवालों को जन्म देता है। हालांकि जांच प्रक्रिया अभी जारी है, लेकिन इससे बैंकिंग क्षेत्र की सुरक्षा और पारदर्शिता पर नया ध्यान जाएगा। आम जनता की निगाहें जांच के निष्कर्षों पर टिकी हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या गायब सोने का मामला पुलिस जांच में है?
हाँ, पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। - क्या बैंक अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं?
हाँ, शिकायत में कई पूर्व और वर्तमान बैंक अधिकारियों के नाम शामिल हैं। - क्या बैंक प्रबंधन की ओर से कोई बयान आया है?
बैंक ने जांच जारी होने की जानकारी दी है और आरोपों की पुष्टि का इंतजार कर रहा है। - यह घटना कब हुई मानी जा रही है?
जांच में माना जा रहा है कि 12 जून से 18 जून के बीच यह गड़बड़ी हो सकती है। - फिलहाल जनता को क्या संदेश मिला है?
यह घटना बैंक सुरक्षा और ग्राहकों के भरोसे पर उठाए जाने वाले कदमों पर एक चुनौती है।



