पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया जांच जरूरी, देर से इलाज से मौत का खतरा: DC राजीव रंजन
JSRnews.com | Local | 13 Jul 2026
परिचय
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य संबंधी सतर्कता बढ़ा दी है। उपायुक्त राजीव रंजन ने लोगों से एकजुट होकर मलेरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत जांच और इलाज कराने की अपील की है। समय रहते इलाज न मिलने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं, इसलिए जल्द कार्रवाई आवश्यक है।
मुख्य बिंदु
- पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया के बढ़ते संक्रमण के बीच जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
- उपायुक्त ने बुखार या मलेरिया के संदेह पर तुरंत जांच की सलाह दी।
- मलेरिया से हुई मौतों के कारण स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हुई।
- जिले में 12 जुलाई तक एक लाख से अधिक लोग मलेरिया जांच अभियान के तहत जांचे गए।
- मलेरिया की जांच और दवा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध हैं।
- सेरेब्रल मलेरिया से चार मौतें हुईं, जो मलेरिया का गंभीर और जानलेवा रूप है।
पृष्ठभूमि
मलेरिया झारखंड के कई इलाकों में एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती रहा है। यह रोग मच्छर के काटने से फैलता है और यदि सही समय पर इलाज न मिले तो यह जानलेवा भी हो सकता है। पूर्वी सिंहभूम में हाल में इसके मामलों में तेजी देखी गई है जिससे स्वास्थ्य विभाग ने विशेष संक्रमण नियंत्रण कार्यक्रम शुरू किया है।
नवीनतम जानकारी
स्वास्थ्य अभियान के तहत जिले में अब तक 100,000 से अधिक लोगों की मलेरिया जांच की जा चुकी है। पॉजिटिव मामलों की दर में 15 फीसदी से गिरकर 1 प्रतिशत से भी कम हो गया है, जो जांच और उपचार की सफलता का संकेत है। हालांकि चार लोगों की सेरेब्रल मलेरिया से मौत हुई है, जबकि दो अन्य मौतें सह-मौजूदा स्वास्थ्य दोषों के कारण हुई हैं।
स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई
उपायुक्त राजीव रंजन ने बताया कि पोटका के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को लापरवाही के कारण निलंबित किया गया है। सदर अस्पताल के एक चिकित्सक को भी कारण बताओ नोटिस दिया गया है, जबकि सिविल सर्जन ने कई स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ जांच प्रक्रिया शुरू की है। सही इलाज सुनिश्चित करने के लिए विभाग निरंतर नजर रखे हुए है।
प्रभाव एवं जनता के लिए चेतावनी
मलेरिया से बचाव और नियंत्रण के लिए समय पर जांच और इलाज आवश्यक है। लापरवाही से मरीजों के जीवन को गंभीर खतरा हो सकता है। डीसी ने जनता से अपील की है कि बुखार, ठंड लगना, कमजोरी जैसे लक्षण दिखते ही नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में तुरंत जांच कराएं।
आगे क्या होगा?
स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया पर निगरानी और जांच तेज कर दी है। दोषी पाए जाने वाले स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। साथ ही, जनता में जागरूकता अभियान चलाकर मलेरिया नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।
निष्कर्ष
पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया जांच अभियान और इलाज को अधिक प्रभावी बनाना जरूरी है। समय पर जांच और उपचार से जान बचाई जा सकती है। प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग लगातार त्वरित कदम उठा रहे हैं ताकि मलेरिया का प्रकोप कम किया जा सके। जनता की भी जिम्मेदारी है कि वे लक्षण दिखते ही मुख्य स्वास्थ्य केंद्रों से संपर्क करें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- मलेरिया के प्रमुख लक्षण क्या हैं? बुखार, ठंड लगना, कमजोरी, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द प्रमुख लक्षण हैं।
- सेरेब्रल मलेरिया क्या है? मलेरिया का यह एक गंभीर प्रकार है जिसमें मस्तिष्क प्रभावित होता है और यह जानलेवा हो सकता है।
- क्या मलेरिया की जांच सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध है? हाँ, पूर्वी सिंहभूम में सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मलेरिया जांच सुविधा उपलब्ध है।
- मलेरिया से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? मच्छरदानी, साफ-सफाई, मच्छर भगाने वाले उत्पादों के उपयोग से बचाव संभव है।
- मलेरिया जांच कराने पर क्या उपचार तुरंत मिल जाता है? हाँ, जांच सकारात्मक आने पर उपचार तुरंत शुरू किया जाता है जिससे रोग ठीक हो सकता है।



