मलेरिया नियंत्रण जमशेदपुर: उपायुक्त की बैठक में जांच, फॉगिंग और उपचार तेज करने के निर्देश
JSRnews.com | Local | 06 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर में मलेरिया नियंत्रण को लेकर उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई, जिसमें मलेरिया की रोकथाम के लिए जांच, उपचार, फॉगिंग और जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
मुख्य बिंदु
- गांव स्तर पर मलेरिया जांच क्षमता बढ़ाने के निर्देश
- आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में विशेष जांच अभियान
- 30 मिनट में एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए व्यवस्था
- प्रभावित क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग को सुनिश्चित करना
- जलजमाव रोकने के लिए नालों की सफाई
पृष्ठभूमि
जमशेदपुर में हाल के महीनों में मलेरिया संक्रमण के मामले बढ़े हैं, जो क्षेत्रीय स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल रहे हैं। मच्छरों द्वारा फैलने वाली यह बीमारी विशेषकर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में तेजी से फैल रही है। ऐसे में उपायुक्त द्वारा समीक्षा बैठक कर समन्वित प्रयासों के जरिए संक्रमण पर नियंत्रण करने की पहल की गई है।
मलेरिया नियंत्रण जमशेदपुर के उपाय
बैठक में एमजीएम अस्पताल, सिविल सर्जन, नगर निकाय और प्रखंड विकास पदाधिकारियों की भागीदारी रही, जिन्हें जांच, उपचार और निगरानी को तेज करने का दायित्व दिया गया। खासतौर पर ग्राम स्तर पर सहियाओं को मलेरिया जांच की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिससे शीघ्र और प्रभावी पहचान संभव हो।
ताजा जानकारी
जिले में अब तक 22 हजार से अधिक मलेरिया जांच हो चुकी है, जबकि एक लाख जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रभावित इलाकों में फॉगिंग के लिए रसायन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, और जिन पंचायतों के पास फॉगिंग मशीन नहीं है, वहां तत्काल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
सरकारी अधिकारियों के बयान
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि "जितनी तेजी से जांच और उपचार होगा, उतनी जल्दी मलेरिया संक्रमण पर नियंत्रण पाएंगे।" उन्होंने बीडीओ और एमओआईसी को समन्वय बनाकर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गंभीर मरीजों के लिए 30 मिनट के भीतर एंबुलेंस उपलब्ध कराना भी अनिवार्य किया गया है।
जनता पर प्रभाव
इन कदमों से मच्छरों के प्रजनन और मलेरिया संक्रमण का प्रसार कम होगा जिससे लोगों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार होगा। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सफाई और जागरूकता भी बढ़ेगी, जिससे बीमारी के रोकथाम में मदद मिलेगी।
आगे क्या होगा
मलेरिया की रोकथाम के लिए नियमित समीक्षा बैठकें होंगी और प्रभावित क्षेत्र में लगातार फॉगिंग और निगरानी जारी रहेगी। इसके साथ ही जनसामान्य के लिए जागरूकता अभियानों को और व्यापक बनाया जाएगा।
निष्कर्ष
जमशेदपुर में मलेरिया संक्रमण पर काबू पाने के लिए उपायुक्त राजीव रंजन का यह कदम समयोचित एवं प्रभावी है। जांच, उपचार, फॉगिंग और जन जागरूकता के समन्वित प्रयास से उम्मीद है कि मलेरिया का प्रसार महत्वपूर्ण रूप से घटाया जा सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- मलेरिया जांच का सबसे प्रभावी तरीका क्या है?
रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT) ग्राम स्तर पर सबसे प्रभावी जांच तरीका माना जाता है। - फॉगिंग का मलेरिया नियंत्रण में क्या योगदान होता है?
फॉगिंग से मच्छरों का प्रजनन कम होता है, जिससे मलेरिया के प्रसार को रोका जाता है। - सरकार ने मलेरिया मरीजों के लिए कौन से उपचार व्यवस्था की है?
अस्पतालों में समय पर और मुफ्त उपचार की व्यवस्था की गई है, गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध है। - जनजागरूकता किस प्रकार बढ़ाई जा रही है?
ग्रामीण और शहरी इलाकों में प्रचार-प्रसार के साथ लोगों को मलेरिया के लक्षण और बचाव के उपाय बताये जा रहे हैं। - क्या प्रभावित गांवों में विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं?
हां, प्रभावित और सीमावर्ती इलाकों में विशेष जांच और निगरानी अभियान प्रारंभ किए गए हैं।



