करनडीह फाटक की बंद नाली ने स्थानीय जनजीवन किया प्रभावित, DC को जिला परिषद सदस्य ने ज्ञापन सौंपा
JSRnews.com | Local | 28 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के करनडीह फाटक क्षेत्र में वर्षों से अवरुद्ध जल निकासी व्यवस्था ने स्थानीय निवासियों के लिए एक गंभीर समस्या उत्पन्न कर दी है। आसपास के क्षेत्रों से निकला गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा है, जिससे आवागमन प्रभावित होने के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधित जोखिम भी बढ़े हैं। जिला परिषद के सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने इस संकट को लेकर उपायुक्त के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर शीघ्र समाधान की मांग की है।
मुख्य बातें
- करनडीह फाटक के पास नाली जाम होने से गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है।
- स्थानीय लोगों का आवागमन प्रभावित और बीमारियों का खतरा बढ़ा।
- पूर्णिमा मल्लिक ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान मांगा।
- नाली के बंद होने के कारण आसपास के मंदिर क्षेत्र में भी असुविधाएं उत्पन्न हुई हैं।
पृष्ठभूमि
करनडीह फाटक के समीप वर्षों पहले निर्मित जल निकासी नाली इलाके के कई घरों और फ्लैटों का पानी बाहर निकालने का महत्वपूर्ण मार्ग थी। किन्तु कुछ किसानों द्वारा अपनी भूमि में पानी जमा होने के संदेह से नाली को अवरुद्ध कर दिया गया, जिसके कारण यह जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से ठप्प हो गई। परिणामस्वरूप, वर्षा के दौरान और दैनिक उपयोग का गंदा पानी खुले सड़कों पर जमा होने लगा।
ताज़ा जानकारी
स्थानीय जनता की शिकायतों के बाद पूर्वी सिंहभूम जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त कार्यालय में ज्ञापन दिया, जिसमें तत्काल कार्रवाई कर जल निकासी नाली को पुनः चालू करने की मांग की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि गंदे पानी के बहाव को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो संक्रामक बीमारियों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है।
आधिकारिक बयान
जिला परिषद सदस्य पूर्णिमा मल्लिक ने कहा, "करनडीह फाटक के पास नाली की अवरोध समस्या से स्थानीय लोगों का जीवन दूभर हो गया है। स्वास्थ्य और आवागमन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, इसलिए प्रशासन से आग्रह है कि संबंधित विभाग तुरंत स्थिति सुधारने में जुटे।"
जनता पर प्रभाव
गंदे पानी के कारण वहाँ की सड़कें गीली और फिसलन भरी हो गई हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में असुविधा हो रही है। वहीं, आसपास के मंदिर क्षेत्र में भी पूजा-पाठ प्रभावित हो रहा है, जिससे धार्मिक आयोजन बाधित हो रहे हैं। स्थानीय निवासी संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों से चिंतित हैं।
आगे क्या होगा?
पूरा इलाका प्रभावित होने के कारण उपायुक्त द्वारा संबंधित विभागों को निर्देशित करने की संभावना है, जिससे जल्द ही नाली की सफाई व पुनर्स्थापन कार्य प्रारंभ हो सके। स्थानीय प्रशासन का ध्यान इस ओर केंद्रित करने के पश्चात हालात में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
निष्कर्ष
करनडीह फाटक की बंद नाली समस्या स्थानीय लोगों के दैनिक जीवन और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर प्रभाव डाल रही है। जिला परिषद सदस्य की पहल से प्रशासनिक हस्तक्षेप की शुरुआत हुई है, जो समाधान की दिशा में पहला कदम है। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचा जा सके।
सामान्य प्रश्न
- नाली क्यों बंद हुई?
कुछ ग्रामीणों ने अपने खेतों में पानी जाने से बचाने के लिए नाली का मार्ग अवरुद्ध कर दिया था। - गंदे पानी का क्या प्रभाव है?
इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ा है और बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो गया है। - क्या प्रशासन ने कोई कदम उठाया है?
जिला परिषद सदस्य ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर समस्या समाधान की मांग की है। - समस्या कब तक सुलझेगी?
प्रशासन के शीघ्र निर्देश के बाद ही इसे ठीक करने की प्रक्रिया शुरू होगी। - स्थानीय लोग क्या कर सकते हैं?
वे प्रशासन से लगातार संपर्क बनाए रखें और सामूहिक रूप से समस्या उजागर करें।



