कदमा में महिला ने नौकरी और इलाज के नाम पर लाखों की ठगी का आरोप, पुलिस जांच में
JSRnews.com | Crime | 04 Aug 2026
परिचय
कदमा थाना क्षेत्र में एक महिला, गीता, पर लाखों रुपये ठगने का आरोप सामने आया है। आरोप है कि उसने इलाज, नौकरी, फ्लैट खरीदने सहित विभिन्न बहानों से लोगों से रुपये लिए, जो अब तक वापस नहीं किए गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
मुख्य आकर्षण
- गीता पर अलग-अलग व्यक्तियों से रुपये ठगने के आरोप।
- टाटा स्टील में नौकरी देने का झांसा देकर 1.35 लाख रुपये ठगे गए।
- इलाज के नाम पर एक व्यक्ति से 7.86 लाख रुपये लिए गए।
- शिकायतकर्ता दावा करते हैं कि कुल मिलाकर लाखों रुपये हड़प लिए गए।
- रुपये मांगने पर महिला ने धमकाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज कराने की कोशिश की।
पृष्ठभूमि
जमशेदपुर के कदमा थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला गीता के ऊपर आरोप है कि उसने अपने नाम पर लोगों का विश्वास जीतकर आर्थिक लाभ उठाया। दावा किया गया है कि उन्होंने शादी, ब्याज चुकाने, फ्लैट सौदे, इलाज और नौकरी दिलाने जैसे बहाने बनाए। यह मामले स्थानीय लोगों के बीच व्यापक चिंता का विषय बन गए हैं।
कदमा महिला ठगी मामला
शिकायतों के अनुसार, गीता ने राकेश कुमार से लगभग 6 लाख, राजेश से 1.30 लाख, प्रेमलता सिंह से 7.86 लाख, देविका दास से 2 लाख, और सरिता देवी से 1.35 लाख रुपये लिए। कुछ लोगों ने पैसे ब्याज के रूप में दिए जबकि अन्य ने व्यक्तिगत भरोसे पर राशि सौंपी।
नवीनतम अपडेट
पुलिस के पास दर्ज शिकायतों के आधार पर जांच शुरू हो चुकी है। पुलिस यह पता लगाने में लगी है कि आरोप कितने सत्य हैं और आरोपित महिला द्वारा राशि न लौटाने के पीछे क्या कारण हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की पूर्ण जांच के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी बयान
कदमा थाना प्रभारी ने बताया कि प्राप्त शिकायतों की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा, "हम सभी पक्षों से जांच में सहयोग प्राप्त कर रहे हैं। दोषी पाए जाने वालों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
सार्वजनिक प्रभाव
स्थानीय लोगों में इस तरह के ठगी के आरोपों ने सामाजिक विश्वास को झकझोरा है। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग जहाँ नौकरी और इलाज के नाम पर ठगी होती है, वे अधिक प्रभावित हुए हैं। यह केस यहां की सामाजिक सुरक्षा और जागरूकता के महत्व को रेखांकित करता है।
आगे क्या होगा?
पुलिस जांच पूरी होने के बाद, दोषी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ितों के हितों की रक्षा के लिए संभवतः पुनर्भुगतान या अन्य उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
निष्कर्ष
कदमा महिला ठगी का यह मामला स्थानीय निवासियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डाल रहा है। रोजगार और स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील आवश्यकताओं का गलत फायदा उठाकर लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है। पुलिस की जांच इस सम्बन्ध में न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या महिला ने टाटा स्टील में नौकरी दिलाने का झांसा दिया?
शिकायतकर्ता ऐसा दावा कर रहे हैं, लेकिन पुलिस जांच जारी है। - कितने लोगों ने गिरवी रखकर पैसे दिए?
प्रेमलता सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने भाई के इलाज के लिए सोना गिरवी रखाकर 7.86 लाख रुपये दिए। - पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है और सभी पक्षों से पूछताछ कर रही है। - क्या महिला ने पेमेंट वापस किया?
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक अधिकांश रकम अभी तक वापस नहीं की गई। - क्या महिला ने बदले में धमकी दी?
मामले में आरोप है कि रुपये वापस मांगने पर महिला ने झूठे मुकदमे दर्ज कर मामले को दबाने की कोशिश की।



