जमशेदपुर टीएमएच में एंडोवस्कुलर न्यूरो उपचार पर सीएमई, डॉक्टरों ने सीखी आधुनिक तकनीकें
JSRnews.com | Local | 19 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) के न्यूरोसर्जरी विभाग ने एक महत्त्वपूर्ण सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम और हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका विषय था 'न्यूरोवैस्कुलर विकारों का एंडोवस्कुलर प्रबंधन: एक व्यावहारिक दृष्टिकोण'। इस कार्यक्रम का उद्देश्य डॉक्टरों को आधुनिक एंडोवस्कुलर न्यूरो उपचार की तकनीकों से अवगत कराना था।
मुख्य बिंदु
- टीएमएच में न्यूरोवैस्कुलर उपचार पर सीएमई और कार्यशाला का आयोजन
- डॉ. विनिता सिंह द्वारा कार्यक्रम का उद्घाटन
- नई दिल्ली के विशेषज्ञ डॉ. पीयूष तोमर ने आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया
- गंभीर न्यूरोलॉजिकल रोगों पर खास फोकस
- 70 से अधिक डॉक्टरों ने सीएमई में, 40 ने हैंड्स-ऑन कार्यशाला में भाग लिया
पृष्ठभूमि
न्यूरोवैस्कुलर विकार जैसे इंट्राक्रैनियल एन्यूरिज्म, आर्टेरियोवेनस मैलफॉर्मेशन, स्ट्रोक आदि बीमारियों का समय पर और प्रभावी उपचार मरीजों के जीवन में सुधार लाने के लिए अति आवश्यक है। एंडोवस्कुलर तकनीक इन रोगों के कम जोखिम वाले उपचार विकल्प प्रदान करती हैं। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण का निरंतर होना अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
नवीनतम अपडेट
डॉ. विनिता सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह पहल टीएमएच में चिकित्सा शिक्षा को और मजबूत करेगी। नई दिल्ली के न्यूरो-इंटरवेंशन विशेषज्ञ डॉ. पीयूष तोमर ने विभिन्न एंडोवस्कुलर उपकरणों और तकनीकों को साझा करते हुए चिकित्सकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में न्यूरोसर्जरी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टरों, फैकल्टी सदस्यों और हेल्थकेयर पेशेवरों ने हिस्सा लिया।
एंडोवस्कुलर न्यूरो उपचार क्यों जरूरी?
एंडोवस्कुलर न्यूरो उपचार न्यूनतम आक्रामक (मिनिमली इनवेसिव) तकनीक है जो गंभीर न्यूरोवैस्कुलर रोगों का इलाज तेजी से और सफलता दर के साथ करती है। इससे मरीजों की रिकवरी बेहतर होती है और अस्पताल में रहने का समय कम होता है।
आधिकारिक बयान
टीएमएच के प्रबंधन ने कहा कि इस तरह के शैक्षिक कार्यक्रम स्वास्थ्य क्षेत्र में उन्नत उपचार पद्धतियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ स्थानीय चिकित्सा शिक्षा को भी सशक्त बनाएंगे। डॉक्टरों का कहना था कि इस प्रशिक्षण से उन्हें उपचार के नवीनतम उपकरणों और तकनीकों को बेहतर समझने में मदद मिली है।
जनता पर प्रभाव
जमशेदपुर और आसपास के इलाके के मरीजों को अब न्यूरोवैस्कुलर विकारों के आधुनिक और प्रभावी उपचार मिलने की संभावना बढ़ गई है। अस्पताल की उन्नत सेवाओं से इलाज में सुविधा और सफलता के नए आयाम खुलेंगे।
आगे क्या होगा?
टीएमएच भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बना रहा है ताकि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर नवाचार और गुणवत्ता में सुधार हो सके। एडवांस एंडोवस्कुलर न्यूरो-इंटरवेंशनल सेवाओं की शुरुआत से स्थानीय स्वास्थ्य सेवा को नई दिशा मिलेगी।
निष्कर्ष
टीएमएच द्वारा आयोजित यह सीएमई और हैंड्स-ऑन कार्यशाला मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है जो डॉक्टरों को आधुनिक न्यूरोवैस्कुलर उपचार से लैस कर रहा है। इससे न सिर्फ चिकित्सा सेवा की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि मरीजों के लिए बेहतर उपचार विकल्प भी उपलब्ध होंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- एंडोवस्कुलर न्यूरो उपचार क्या है?
यह न्यूनतम आक्रामक तकनीक है जो नसों के अंदर से न्यूरोवैस्कुलर विकारों का इलाज करती है। - कौन-कौन से रोगों का इलाज इसमें होता है?
इंट्राक्रैनियल एन्यूरिज्म, स्ट्रोक, आर्टेरियोवेनस मैलफॉर्मेशन तथा फिस्टुला जैसे रोग। - यह प्रशिक्षण क्यों आवश्यक है?
तकनीकी विकास के कारण डॉक्टरों को नई मशीनों और पद्धतियों की जानकारी रखना जरूरी है। - सीएमई कार्यक्रम में कौन भाग लेता है?
यह कार्यक्रम मुख्य रूप से डॉक्टरों, न्यूरोसर्जनों और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए होता है। - क्या इस तकनीक से मरीजों का इलाज बेहतर होगा?
हाँ, इससे उपचार कम जोखिम वाला और तेजी से परिणाम देने वाला होता है।



