झारखंड हेल्थ सिस्टम को डिजिटल विंग, 15वें वित्त आयोग और आयुष्मान मिशन के लिए 10.36 करोड़ स्वीकृत
परिचय
झारखंड सरकार ने अपने स्वास्थ्य क्षेत्र की डिजिटल क्रांति के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 15वें वित्त आयोग और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य मिशन के तहत 10.36 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य के दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा।
JSRnews.com | Local | 31 May 2026
मुख्य विशेषताएं
- 10.36 करोड़ रुपये का बजट स्वास्थ्य विभाग के डिजिटल प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृत।
- नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर सर्विसेज इंकॉर्पोरेटेड (NICSI) को कंसल्टेंसी फीस के रूप में राशि दी जाएगी।
- जिला स्तर पर प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) का गठन होगा।
- योजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।
- ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में जांच और बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण।
- डिजिटल हेल्थ और टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार।
- वित्तीय पारदर्शिता और उपयोगिता प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता।
पृष्ठभूमि
झारखंड के स्वास्थ्य विभाग ने पिछले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए कई योजनाएँ शुरू की हैं। विशेष रूप से आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और 15वें वित्त आयोग से मिली निधि के जरिये सुदूर क्षेत्रों तक आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाने की दिशा में प्रयास तेज हुए हैं। अब डिजिटल तकनीकों के माध्यम से इन योजनाओं के क्रियान्वयन को मजबूती दी जा रही है।
ताजा अपडेट
स्वास्थ्य विभाग ने वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु कड़े नियम बनाए हैं, जिनके अनुसार फंड की निकासी वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 के उपयोगिता प्रमाण-पत्र पर निर्भर करेगी। जिले स्तर पर बने PMU इसका निगरानी कार्य संभालेगा जिससे योजनाओं में विलंब नहीं होगा।
डिजिटल तत्व और टेलीमेडिसिन पर जोर
NICSI के तकनीकी सहयोग से झारखंड में डिजिटल हेल्थ डेटाबेस तैयार किया जाएगा, जिससे अस्पतालों में मरीजों का डिजिटल रजिस्ट्रेशन, ई-संजीवनी पोर्टल के माध्यम से टेलीमेडिसिन सेवा और मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।
आधिकारिक बयान
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करेगी, जिससे जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सके।
जनता पर प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों के लोग अब तेज और विश्वसनीय जांच और इलाज सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे मरीजों को शहरों की ओर भागना कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुलभ होगी।
आगे क्या होगा?
PMU लगातार योजनाओं पर नजर रखेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि फंड का पूर्ण और सही समर्थन हो, योजना संशोधन की जरूरतों के अनुसार भी कदम उठाए जाएंगे। आने वाले वर्षों में यह डिजिटल विंग और मजबूत होकर राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र का एक स्थायी आधार बनेगा।
निष्कर्ष
झारखंड के हेल्थ सिस्टम को डिजिटल विंग के माध्यम से सुदृढ़ करना राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ी पहल है, जो न केवल संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करेगा बल्कि जनता को आधुनिक सेवाओं से जोड़ने में भी मदद करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- जिला स्तर पर PMU का क्या कार्य होगा?
PMU जिला स्तर पर सभी हेल्थ योजनाओं का प्रबंधन और निगरानी करेगा ताकि फंड का सही उपयोग हो। - डिजिटल हेल्थ डेटाबेस से क्या लाभ होंगे?
यह मरीजों के डिजिटल रजिस्ट्रेशन, टेलीमेडिसिन सेवाओं और मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित करने में सहायता करेगा। - फंड की निकासी के लिए क्या शर्तें हैं?
फंड का उपयोगिता प्रमाण-पत्र जमा करने के बाद ही निकाला जा सकेगा। - क्या इससे ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों का विकास होगा?
हाँ, इससे ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और जांच सेवाएं बेहतर होंगी। - NICSI की भूमिका क्या होगी?
NICSI को कंसल्टेंसी फीस देकर तकनीकी सहायता और PMU के गठन में मदद मिलेगी।


