झारखंड में बालू संकट के बीच छह घाटों से वैध बालू उठाव की तैयारी
रांची: झारखंड में लंबे समय से जारी बालू संकट के बीच बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य के रांची, बोकारो और पूर्वी सिंहभूम जिलों के छह बालू घाटों से वैध बालू उठाव की प्रक्रिया शनिवार से शुरू होने जा रही है। संबंधित घाटों को संचालन के लिए सभी जरूरी कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) की स्वीकृति मिल चुकी है और बाकी औपचारिकताएं अंतिम चरण में हैं।
JSRnews.com | Local | 29 May 2026
राज्य के 444 बालू घाटों में से 299 की नीलामी हुई
झारखंड में कुल 444 बालू घाटों की पहचान की गई है, जिनमें से 299 घाटों की नीलामी पूरी हो चुकी है जबकि 145 घाटों की प्रक्रिया अभी लंबित है। पर्यावरणीय मंजूरी की बात करें तो अब तक 35 घाटों को पर्यावरणीय स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि 21 घाटों की लीज डीड भी पूरी की जा चुकी है। हाल ही में छह नए घाटों को भी पर्यावरण मंजूरी प्रदान की गई है, जिससे बालू उठाव के प्रयासों को मजबूती मिली है।
कौन-कौन से घाट से होगा बालू उठाव
रांची जिले के श्यामनगर और चोकेसोरेंग बालू घाटों से बालू उत्पादन और उठाव की तैयारी तेजी से चल रही है। इसके अलावा बोकारो जिले के पिचड़ी-2 और खेतको चलकरी घाटों से भी बालू निकासी शुरू होने वाली है। पूर्वी सिंहभूम जिले के कोरेयामोहनपाल और स्वर्णरेखा बालू घाट से भी जल्द ही वैध बालू उठाव शुरू होने की उम्मीद है।
मॉनसून रोक से पहले बालू भंडारण पर जोर
प्रशासन ने संबंधित निजी कंपनियों को घाट संचालन की जिम्मेदारी सौंपी है। अनेक बालू घाटों पर ग्रामसभा सहमतियां, पर्यावरणीय अनुमति (CTE/CTO) आदि औपचारिकताएं लगभग पूरी हो चुकी हैं। सरकार ने सभी लीजधारकों को निर्देश दिया है कि वे 10 जून से निर्धारित एनजीटी के मॉनसून रोक लागू होने से पहले बालू का अधिकतम भंडारण करें ताकि निर्माण कार्य बाधित न हों। एनजीटी के नियमों के अनुसार 10 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
यह कदम राज्य में बालू संकट के समाधान और निर्माण कार्यों के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में राजस्व और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन के साथ बालू उठाव की प्रक्रिया नियमित रूप से जारी रहेगी।


