🔔 JSRnews पर सूचनाएं पाएं — सबसे पहले खबर आप तक
| 🕐 --:--:-- --

झारखंड अबुआ आवास योजना: नए लाभुकों के लिए इंतजार, अधूरे मकानों का निर्माण होगा पूरा

Jब
JSRNews ब्यूरो
| 📅 | ⏰ 6 घंटे पहले | 🕐 1 min read | 👁️ 1 views

परिचय
झारखंड सरकार की अबुआ आवास योजना के तहत नए लाभुकों को फिलहाल और इंतजार करना होगा क्योंकि सरकार की प्राथमिकता अब अधूरे पड़े 4.33 लाख मकानों का निर्माण पूरा करना है। राज्य के ग्रामीण विकास विभाग से मिली ताजी जानकारी के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में इन अधूरे मकानों के निर्माण कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है।

झारखंड अबुआ आवास योजना: नए लाभुकों के लिए इंतजार, अधूरे मकानों का निर्माण होगा पूरा

JSRnews.com  |  Local  |  31 May 2026

मुख्य बिंदु

  • सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में 4.5 लाख आवास निर्माण का लक्ष्य रखा था।
  • 4,33,392 आवासों को स्वीकृति मिली है, जिनमें से कई अभी अधूरे हैं।
  • लाभुकों को दी जा रही विभिन्न किस्तों की राशि में तेजी आ रही है।
  • कई जिले जैसे गोड्डा, चतरा एवं पलामू का प्रदर्शन कमजोर रहा।
  • नए लाभुकों के आवास स्वीकृति प्रक्रिया फिलहाल रुकी हुई है।

पृष्ठभूमि

झारखंड सरकार ने ग्रामीण गरीब परिवारों के लिए अबुआ आवास योजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य उन्हें पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। इस योजना का लक्ष्य 2024-25 में 4.5 लाख आवास बनाना था, जिसमें अब तक 4,33,392 आवासों को मंजूरी दी गई है। योजना के तहत लाभुकों को निर्माण के विभिन्न चरणों में वित्तीय सहायता दी जाती है।

लाभुकों को दी गई किस्तें और निर्माण की स्थिति

विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2,97,380 लाभुकों को पहली किस्त, 2,46,772 को दूसरी, 1,24,406 को तीसरी और 8,155 को चौथी किस्त जारी की जा चुकी है। हालांकि, 2023-24 में स्वीकृत 2 लाख आवासों में से केवल 1,36,297 मकान ही पूरे किए जा सके हैं, और लगभग 51,786 लाभुक अटकी हुई अंतिम किस्त का इंतजार कर रहे हैं।

ताज़ा अपडेट्स

चालू वित्तीय वर्ष में 94.41% आवास निर्माण कार्य पूरे हो चुके हैं, लेकिन गोड्डा, चतरा और पलामू जैसे जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है। पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिलों में भी कई लाभुक अंतिम किस्त के लिए प्रतीक्षा कर रहे हैं।

सरकारी बयान

ग्रामीण विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस वक्त सरकार का फोकस पहले से स्वीकृत और अधूरे मकानों के निर्माण को पूरा करना और लंबित भुगतान निपटान है। नए लाभुकों की स्वीकृति फिलहाल टाल दी गई है ताकि निर्माण कार्य में गति आ सके।

जनता पर प्रभाव

इस योजना के अधूरे मकानों की वजह से कई लाभुकों को अपने नए घर मिलने में देरी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सुरक्षा और जीवनशैली प्रभावित हो रही है। नए आवेदकों को भी योजना का लाभ मिलने में विलंब हो सकता है।

आने वाले कदम

सरकार अधूरे मकानों के निर्माण कार्य को पूरा करने के बाद ही नए आवासों के स्वीकृति और निर्माण पर काम करेगी। इसके लिए लगातार निगरानी और समीक्षा जारी रहेगी।

निष्कर्ष

झारखंड की अबुआ आवास योजना के तहत वर्तमान प्राथमिकता लंबित मकानों को पूरा करना है, जिससे नए लाभुकों को फिलहाल और इंतजार करना पड़ेगा। यह कदम योजना की गुणवत्ता और लाभुकों की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए जरूरी माना जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • प्रश्न: अबुआ आवास योजना के तहत नए लाभुकों का चयन कब होगा?
    उत्तर: वर्तमान में नए लाभुकों के चयन और आवास स्वीकृति प्रक्रिया को रोका गया है, प्राथमिकता अधूरे मकानों के पूरे होने के बाद ली जाएगी।
  • प्रश्न: कितने आवास अब तक पूरे हो चुके हैं?
    उत्तर: वित्त वर्ष 2023-24 में स्वीकृत 2 लाख आवासों में से लगभग 1,36,297 पूरे हो चुके हैं।
  • प्रश्न: किन जिलों का प्रदर्शन कमजोर रहा है?
    उत्तर: गोड्डा, चतरा और पलामू जिलों में आवास निर्माण की गति कम रही है।
  • प्रश्न: लाभुकों को कितनी किस्तें जारी की गई हैं?
    उत्तर: अब तक चार किस्तों में राशि प्रदान की गई है, पहली किस्त अधिकतम लाभुकों को दी गई है, जबकि चौथी किस्त कम लाभुकों को मिली है।
  • प्रश्न: सरकार इस योजना को लेकर क्या कदम उठा रही है?
    उत्तर: सरकार अधूरे मकानों के निर्माण को पूरा कराने और लंबित भुगतान समाप्त करने पर जोर दे रही है।
Jब
Author
JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
📍 स्थानीय खेल