झारखंड के 108 एम्बुलेंस सेवा विवाद में बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री की जांच की मांग की
परिचय
JSRnews.com | Politics | 29 May 2026
झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर हुई वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक शिकायतों ने राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और अन्य अधिकारियों की जांच की मांग उठाई है।
मुख्य बिंदु
- 108 एम्बुलेंस सेवा में वित्तीय गड़बड़ियों को लेकर CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
- बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तुष्टिकरण और कमीशनखोरी का आरोप लगाया
- स्वास्थ्य मंत्री और उच्च अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
- एम्बुलेंस सेवा की बदहाली से मरीजों को हुई परेशानियां सार्वजनिक मुद्दा बनी हैं
पृष्ठभूमि
झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन सम्मान फाउंडेशन नामक कंपनी द्वारा किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से सेवा की गुणवत्ता और कंपनी के वित्तीय व्यवहार को लेकर विवाद बढ़ रहे थे। पहले से ही कमीशनखोरी, तुष्टिकरण और भुगतान से संबंधित शिकायतें सामने आ चुकी हैं। विपक्ष ने यह मुद्दा कई बार उठाया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
108 एम्बुलेंस सेवा पर विवाद
CAG रिपोर्ट ने इस सेवा के वित्तीय प्रबंधन में करोड़ों रुपये की गड़बड़ियों को उजागर किया। बाबूलाल मरांडी ने कंपनी के खिलाफ सिर्फ दिखावटी कार्रवाई को नाकाफी करार देते हुए पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका जांचने की मांग की है।
ताजा अपडेट
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने पहले मामले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बाबूलाल मरांडी पर FIR कराने की बात कही थी। इसके जवाब में मरांडी ने सरकार पर फर्जी बिलिंग, आर्थिक शोषण और कर्मचारियों के वेतन भुगतान की लापरवाही का आरोप लगाया। मरीजों को एंबुलेंस की कमी के कारण अस्पताल पहुंचाने में भारी दिक्कतें हुई हैं।
आधिकारिक बयान
स्वास्थ्य विभाग ने फिलहाल CAG रिपोर्ट के निष्कर्षों की समीक्षा करने की बात कही है, लेकिन जांच प्रक्रिया के बारें में कोई स्पष्ट विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
जनता पर प्रभाव
इस विवाद का सीधा असर जनता पर पड़ा है क्योंकि आपातकालीन सेवाओं के व्यवधान से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में मुश्किलें आई हैं। कई इलाकों में एंबुलेंस के अभाव में मरीजों को खटिया, ठेला या निजी वाहन से ले जाना पड़ रहा है।
आगे क्या होगा?
नेता प्रतिपक्ष ने CAG रिपोर्ट की आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। आगामी दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना है।
निष्कर्ष
108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़ी यह जांच और विवाद झारखंड के स्वास्थ्य तंत्र की एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने आया है। उचित कार्रवाई से ही सेवा में सुधार संभव है और जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- 108 एम्बुलेंस सेवा विवाद क्या है? - यह सेवा संचालन और वित्तीय गड़बड़ियों का मामला है, जिसे CAG रिपोर्ट में उजागर किया गया है।
- बाबूलाल मरांडी ने क्या मांग की है? - उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।
- मरीजों को क्या दिक्कतें हुईं? - एंबुलेंस की कमी के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई आई।
- सरकार ने क्या जवाब दिया? - स्वास्थ्य विभाग ने रिपोर्ट की समीक्षा की बात कही है, लेकिन जांच की विस्तृत जानकारी नहीं दी।
- इस मामले का भविष्य क्या होगा? - संभव है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच और कार्रवाई की जाए।


