🔔 JSRnews पर सूचनाएं पाएं — सबसे पहले खबर आप तक
| 🕐 --:--:-- --

जामताड़ा में बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाले साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

Jब
JSRNews ब्यूरो
| 📅 | ⏰ 6 घंटे पहले | 🕐 1 min read | 👁️ 1 views

परिचय

जामताड़ा में बैंक अधिकारी बनकर ठगी करने वाले साइबर गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार

JSRnews.com  |  Crime  |  31 May 2026

जामताड़ा पुलिस ने हाल ही में एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में बैंक अधिकारी बनकर आम लोगों को ठगने वाले दो सगे भाइयों समेत तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने उनके कब्जे से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी जब्त किए हैं।

महत्‍वपूर्ण बातें

  • तीन साइबर ठग गिरफ्तार, जिनमें दो सगे भाई शामिल।
  • 10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड बरामद।
  • बैंक अधिकारी बनकर ग्राहकों को ठगी करने का आरोप।
  • साइबर ठगी नेटवर्क कई राज्य तक फैला हुआ।

पृष्ठभूमि

जामताड़ा साइबर थाना की सूचना के मुताबिक यह गिरोह लोगों को फोन करके खुद को बैंक अधिकारी बताते थे। वह ऐसा कहकर खाताधारकों से उनके निजी बैंकिंग डेटा जैसे कार्ड विवरण, केवाईसी अपडेट और एटीएम कार्ड की जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद डिजिटल माध्यमों से खातों से पैसे निकाल लेते थे। यह क्रम कई समय से जारी था और गिरोह का नेटवर्क देश के अनेक राज्यों तक फैला हुआ था।

पिछली घटनाएं और जांच

पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर करमाटांड़ के पिंडारी, सकलपुर और तिलैया गांवों में छापेमारी की गई। इस अभियान में साइबर थाना और करमाटांड़ पुलिस की टीम ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने में जुटी है।

ताजा अपडेट्स

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रीतम दास (25), विनोद दास (23) और मो. तुफान उर्फ तुफान अंसारी (28) के रूप में हुई है। जांच में प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों की समीक्षा जारी है जिससे इस गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों का खुलासा किया जा सकेगा। साइबर थाना ने केस संख्या 31/26 दर्ज कर विभिन्न कानूनों के तहत आरोपियों पर कार्रवाई प्रारंभ की है।

आधिकारिक बयान

साइबर डीएसपी अमित रविदास ने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम है। गिरफ्तारी से अन्य साइबर अपराधियों को पकड़ने में मदद मिलेगी और साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की विस्तृत जांच की जा रही है।

जनता पर प्रभाव

इस तरह की गिरफ्तारी आम जनता के लिए एक राहत की खबर है क्योंकि इससे लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। बैंकिंग धोखाधड़ी से हम सभी की सुरक्षा के लिए पुलिस और साइबर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता आवश्यक है।

आगे क्या होगा

पुलिस का प्रयास है कि बरामद साक्ष्यों के आधार पर पूरे गिरोह का भंडाफोड़ हो और अन्य आरोपी भी जल्द गिरफ्त में आएं। साथ ही साइबर अपराधों को रोकने और जांच प्रणाली को मजबूत करने के लिए नए उपाय भी लागू किए जाएंगे।

निष्कर्ष

जामताड़ा में साइबर ठगी गिरोह की गिरफ्तारी से एक सकारात्मक संदेश गया है कि अपराध चाहे कितना भी जटिल क्यों न हो, पुलिस प्रभावी कार्रवाई के जरिए अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है। इससे साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लोगों के लिए सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

  • 1. गिरोह ने ठगी कैसे की? - वे खुद को बैंक अधिकारी बताकर ग्राहकों से बैंकिंग जानकारी लेते और ई-वॉलेट के माध्यम से पैसे निकालते थे।
  • 2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए? - तीन आरोपी गिरफ्तार हुए जिनमें दो सगे भाई भी शामिल थे।
  • 3. क्या इस गिरोह का नेटवर्क सीमित था? - नहीं, यह कई राज्यों तक फैला हुआ था।
  • 4. पुलिस ने कौन सी सामग्री बरामद की? - 10 मोबाइल फोन और 10 सिम कार्ड जब्त किए गए।
  • 5. आगे क्या कदम होंगे? - पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी।
Jब
Author
JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
📍 स्थानीय खेल