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जामशेदपुर में WhatsApp APK फाइल से 40 हजार रुपये की साइबर ठगी, पुलिस ने जारी की चेतावनी

Jब
JSRNews ब्यूरो
| 📅 | ⏰ 6 घंटे पहले | 🕐 1 min read | 👁️ 1 views

परिचय

जामशेदपुर में WhatsApp APK फाइल से 40 हजार रुपये की साइबर ठगी, पुलिस ने जारी की चेतावनी

JSRnews.com  |  Crime  |  30 May 2026

जामशेदपुर में हाल ही में एक गंभीर साइबर ठगी का मामला सामने आया है जहां WhatsApp पर भेजी गई APK फाइल डाउनलोड करते ही एक व्यक्ति के बैंक खाते से 40 हजार रुपये गायब हो गए। इस घटना ने पूरे झारखंड में साइबर अपराध के प्रति जागरूकता की जरूरत को और मजबूती दी है।

मुख्य बिंदु

  • WhatsApp पर भेजी APK फाइल के जरिए बैंक खातों से पैसे उड़ाने की घटना।
  • मनोज लकड़ा के खाते से 40 हजार रुपये चोरी।
  • साइबर पुलिस ने सार्वजनिक सतर्कता की अपील जारी की।
  • अपराधियों को पकड़ने के लिए जांच प्रक्रिया चल रही है।

पृष्ठभूमि

झारखंड सहित पूरे भारत में साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर WhatsApp जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर फर्जी एप्लिकेशन फाइल भेजकर लोगों को फंसाया जा रहा है। इस मामले में मनोज लकड़ा, जो रांची के तुपुदाना के निवासी हैं, वे ठगों के जाल में फंसकर नुकसान उठाने वाले नवीनतम शिकार बन गए हैं।

हालिया घटनाक्रम

मनोज के WhatsApp नंबर पर एक APK फाइल भेजी गई, जिसे डाउनलोड करते ही उनके फोन में बैंक ऑफ इंडिया के आधिकारिक ऐप जैसा दिखने वाला नकली एप इंस्टॉल हो गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने बिना किसी OTP या कॉल के खाते से 40 हजार रुपये निकाल लिए। जब तक मनोज को इस धोखाधड़ी की जानकारी हुई, रकम हटा चुकी थी।

आधिकारिक बयान

साइबर थाना जामशेदपुर के अधिकारी ने बताया कि APK फाइल के जरिए नै बड़ी साइबर ठगी की वारदात सामने आई है। पुलिस ने जनता से अनुरोध किया है कि किसी भी अप्रत्याशित या अनजान स्रोत से भेजी गई फाइल को बिना जांचे डाउनलोड न करें। मामले की जांच जारी है और अपराधियों का पता लगाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

जनता पर प्रभाव

यह घटना लोगों में बड़े पैमाने पर डर और सतर्कता पैदा कर रही है। साइबर ठगी के इस नए तरीके ने आम जनता की ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सजगता बढ़ा दी है। बैंकिंग ट्रांजेक्शन करते समय अब लोग ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं।

अब क्या होगा?

पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और साइबर अपराधियों की पहचान करने की कोशिश में लगी है। साथ ही, साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ भी लोगों को सुरक्षित रहने के उपाय बता रहे हैं ताकि इस तरह के अपराधों से बचा जा सके।

निष्कर्ष

WhatsApp पर मिल रही संदिग्ध APK फाइलों से सावधान रहना जरूरी है। केवल भरोसेमंद स्रोतों से ही ऐप डाउनलोड करें। अगर कहीं भी अनधिकृत लेनदेन दिखे, तो तुरंत संबंधित बैंक एवं साइबर पुलिस को सूचना दें। जामशेदपुर में हुई यह घटना हमें ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश देती है।

आपके सवाल – हमारे जवाब

  • APK फाइल क्या होती है? - यह Android ऐप इंस्टॉलेशन फाइल होती है जो एप्लिकेशन स्थापित करने के काम आती है।
  • WhatsApp पर भेजी फाइल को कैसे जांचें? - डाउनलोड से पहले स्रोत की पुष्टि करें और अनजान फाइल पर क्लिक न करें।
  • साइबर ठगी से कैसे बचें? - केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से एप डाउनलोड करें और बैंकिंग गतिविधियों में सतर्क रहें।
  • अगर पैसे चोरी हो जाए तो क्या करें? - तुरंत बैंक, साइबर पुलिस और हेल्पलाइन से संपर्क करें।
  • क्या साइबर पुलिस इस मामले को हल कर पाएगी? - पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश जारी है।
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JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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