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जमशेदपुर में 21 नवंबर को होगी रामार्चा पूजा, सरयू राय ने श्रद्धालुओं को किया विशेष आवाहन

जमशेदपुर में 21 नवंबर को होगी रामार्चा पूजा, सरयू राय ने श्रद्धालुओं को किया विशेष आवाहन

JSRnews.com  |  Local  |  26 Jul 2026

परिचय

जमशेदपुर में वर्षों पुरानी धार्मिक परंपरा 'रामार्चा पूजा' के आयोजन में इस साल एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। विधायक सरयू राय के आवास पर हर साल गुरु पूर्णिमा के दिन आयोजित यह पूजा अब अगले वर्ष 21 नवंबर 2026 को देवउठान एकादशी के मौके पर संपन्न होगी।

मुख्य बिंदु

  • रामार्चा पूजा की परंपरा 25 वर्षों से जारी।
  • पहले गुरु पूर्णिमा को होती थी पूजा, अब देवउठान एकादशी पर होगी।
  • सरयू राय ने श्रद्धालुओं को नए दिन पूजा में शामिल होने का किया आमंत्रण।
  • श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या हर वर्ष इस अनुष्ठान में भाग लेती है।

परिचय और पृष्ठभूमि

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय कई दशकों से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय हैं। उनके यहां रामार्चा पूजा की परंपरा पिछले 25 वर्षों से गुरु पूर्णिमा के दिन परंपरागत रूप से आयोजित होती रही है। यह पूजा भगवान राम के प्रति श्रद्धा और आस्था प्रकट करने के लिए विधान क्षेत्र के साथ-साथ आस-पास के कई श्रद्धालु जुटते हैं।

रामार्चा पूजा की तिथि में बदलाव

सरयू राय ने बताया कि इस बार कुछ विशेष कारणों से पूजा की तिथि में बदलाव किया गया है। देवउठान एकादशी, जो इस वर्ष 21 नवंबर, शनिवार को पड़ रही है, को पूजा के लिए चुना गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे तिथि की इस नई जानकारी के अनुसार पूजा में पधारें और इस धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनें।

ताजा जानकारी और आयोजनों के विवरण

समाज में पूजा के आयोजन को लेकर पहले से ही व्यापक चर्चा हो रही है ताकि किसी तरह की गलतफहमी न हो। श्रद्धालुओं और आयोजन से जुड़े अन्य लोगों को नई तिथि के बारे में समय रहते सूचित किया गया है।

सरयू राय के बयान

विधायक सरयू राय ने कहा, "पिछले कई सालों से रामार्चा पूजा गुरु पूर्णिमा पर होती रही है, लेकिन इस बार विशेष कारणों से हमने इसे देवउठान एकादशी पर करने का निर्णय लिया है। मैं सभी भक्तों से आग्रह करता हूं कि वे 21 नवंबर को इस पावन आयोजन में जरूर भाग लें।"

जनता पर प्रभाव

यह परंपरा न केवल स्थानीय लोगों को एकजुट करती है बल्कि धार्मिक आस्था को भी प्रगाढ़ बनाती है। पूजा का नया दिन निश्चित रूप से श्रद्धालुओं की उपस्थिति को प्रभावित करेगा, हालांकि बड़े स्तर पर लोग इस परिवर्तन को सकारात्मक दिशा में देख रहे हैं।

आगे क्या होगा?

आयोजन के सफल समापन के बाद, श्रद्धालुओं में धार्मिक उत्साह और सामाजिक सौहार्द्य की भावना बनी रहेगी। इसके साथ ही भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों के लिए तिथि चयन को लेकर भी बेहतर संवाद होने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

25 वर्षों पुरानी रामार्चा पूजा की तिथि परिवर्तन की खबर ने जमशेदपुर के धार्मिक माहौल में नई उत्सुकता पैदा कर दी है। विधायक सरयू राय द्वारा श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर इस पूजा को सफल बनाने की पहल समुदाय के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • रामार्चा पूजा कब होगी? 21 नवंबर 2026, शनिवार को।
  • क्यों बदली पूजा की तिथि? विशेष कारणों से तिथि देवउठान एकादशी पर बदल गई।
  • पूजा कहाँ आयोजित होगी? विधायक सरयू राय के आवास पर।
  • श्रद्धालुओं को क्या करना होगा? वे निर्धारित तिथि पर पूजा में भाग लें।
  • पूजा का क्या महत्व है? यह भगवान राम की पूजा की परंपरा को बनाए रखती है।
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Author
JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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