जमशेदपुर में निजी स्कूल फीस वृद्धि के खिलाफ आंदोलन तेज, हस्ताक्षर अभियान शुरू
जमशेदपुर से बड़ी खबर सामने आई है जहाँ निजी स्कूलों की फीस वृद्धि के खिलाफ जनआंदोलन और भी तेज हो गया है। झारखंड शिक्षा उत्थान समिति ने निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ोतरी के खिलाफ व्यापक आंदोलन की शुरुआत की है। इस आंदोलन के तहत समिति ने आज से पोस्टकार्ड हस्ताक्षर अभियान और भिक्षाटन कार्यक्रम भी आरंभ किया है।
JSRnews.com | Local | 28 May 2026
इस अभियान की शुरुआत चंद्रगुप्ता सिंह ने की, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावक और समिति के सदस्य शामिल हुए। समिति का मकसद है कि निजी स्कूलों की ओर से बार-बार बढ़ाई जा रही फीस को लेकर अभिभावकों पर पड़ रहे आर्थिक दबाव को रोका जाए।
फीस वृद्धि से बढ़ रहा आर्थिक बोझ
समिति के क्रांति सिंह ने बताया कि लगातार हो रही फीस वृद्धि ने अभिभावकों की परेशानियों को बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा, "यह स्थिति आम परिवारों की आर्थिक स्थिति पर भारी असर डाल रही है। इसलिए हम पूरे राज्य में जनजागरण अभियान चलाएंगे ताकि अधिक से अधिक लोग इस मुद्दे के प्रति जागरूक हों।"
क्रांति सिंह ने यह भी बताया कि करीब दो लाख पोस्टकार्ड पर अभिभावकों के हस्ताक्षर जुटाए जाएंगे, जिन्हें सरकार तक पहुंचाकर उनकी समस्याओं को मजबूती से प्रस्तुत किया जाएगा। भिक्षाटन कार्यक्रम के माध्यम से भी अभिभावकों की तकलीफों को उजागर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे हस्ताक्षरयुक्त पोस्टकार्ड
झारखंड शिक्षा उत्थान समिति ने सरकार से अपील की है कि वह निजी स्कूलों की फीस संरचना पर प्रभावी नियंत्रण लगाए ताकि अभिभावकों को राहत मिल सके। योजना के तहत एक पैदल यात्रा भी निकाली जाएगी जिसमें हस्ताक्षर किए गए पोस्टकार्ड मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे। इस कदम से अभिभावकों की समस्याओं को सरकारी स्तर पर गंभीरता से उठाने का प्रयास किया जाएगा।
यह आंदोलन वर्तमान में जमशेदपुर में एक महत्वपूर्ण मुद्दे के रूप में उभर रहा है, जहाँ अभिभावक अपनी वित्तीय समस्याओं को लेकर सार्वजनिक और संगठित विरोध करना चाहते हैं। समिति का मानना है कि शिक्षादान का अधिकार सभी के लिए सुलभ होना चाहिए, और कोई भी आर्थिक बाधा बच्चों की पढ़ाई का रास्ता न पड़े।
अभियान के बढ़ते प्रभाव और व्यापक समर्थन को देखकर यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि शिक्षा विभाग जल्द ही इस समस्या को हल करने के लिए कदम उठाएगा। फिलहाल, आंदोलन जारी है और अभिभावक तथा समिति के सदस्य इस दिशा में लगातार सक्रिय हैं।


