जमशेदपुर MGM अस्पताल में जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी में लंबित मामले और हंगामा
JSRnews.com | Local | 29 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के MGM अस्पताल में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया के कारण तनाव बढ़ता जा रहा है। आवेदक दो वर्षों से इस प्रक्रिया में अटके हैं, जिसके चलते मंगलवार को अस्पताल में हंगामा देखने को मिला।
मुख्य बिंदु
- जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदक दो वर्ष से भटक रहे।
- कर्मचारियों की सहायता न करने पर अस्पताल में प्रदर्शन।
- अस्पताल उपाधीक्षक ने विवाद के बाद कागजात शीघ्र जारी करने का आदेश दिया।
- हाल के आवेदनों पर काम तो तेज है, लेकिन पुराने मामलों में अड़चनें बरकरार।
पृष्ठभूमि
जमशेदपुर MGM अस्पताल में प्रमाण पत्र विभाग पिछले कुछ वर्षों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त कर रहा है। हालांकि ताजा महीनों के आवेदन तेजी से पूरी किए जा रहे हैं, लेकिन छह महीने से अधिक पुराने मामलों में तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के कारण प्रमाण पत्र जारी में देरी हो रही है। ऐसे में बहुत से परिवार अपने बच्चे के जन्म या मृत्यु के अधिकारिक कागजात के अभाव में भारी परेशानी झेल रहे हैं।
जमशेदपुर MGM अस्पताल जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र में देरी
आवेदकों का आरोप है कि वे महीने-दर-महीना काउंटर पर जाकर आवेदन डालते हैं, फिर भी उन्हें सही सहायता नहीं मिलती। सोनारी की सुरबाला देवी ने बताया कि उन्हें दो साल से बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिला है। इसी तरह, मुटुक महतो के निधन के 15 जनवरी बीत जाने के बाद भी उनके परिवार को मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला है।
ताजा घटनाक्रम
मंगलवार को एक आवेदक को कागजात भरने में सहायता नहीं मिलने के कारण विवाद हुआ। धीरे-धीरे वहां अधिक लोग जमा हो गए और सभी ने अपने लंबित मामलों की शिकायतें कीं। सुरक्षा कर्मियों को विवाद को नियंत्रित करना पड़ा। अस्पताल के उपाधीक्षक मौके पर पहुंचकर कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और सभी लंबित प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करने का निर्देश दिया।
अधिकारी बयान
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि हाल के आवेदन, जो अप्रैल के बाद के हैं, पर काम तेजी से चल रहा है। परंतु पुराने मामलों में तकनीकी कारणों से परेशानी बनी हुई है। वे जल्द ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
जनसामान्य पर असर
जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र सरकारी दस्तावेज हैं जो कई अधिकारिक कामों में जरूरी होते हैं। इन दस्तावेजों की अनुपलब्धता से प्रभावित परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, स्कूल दाखिले, बैंकिंग कार्य और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में बाधा आती है।
आगे क्या होगा?
अस्पताल प्रशासन की ताजा प्रतिक्रिया के बाद उम्मीद है कि लंबे समय से अटके मामलों को जल्द सुलझाया जाएगा। आवेदकों को सलाह दी जा रही है कि वे नियमित तौर पर संबंधित विभाग से संपर्क बनाए रखें और यदि परेशानी बनी रहे तो उच्च अधिकारियों को अवगत कराएं।
निष्कर्ष
जमशेदपुर MGM अस्पताल का जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र विभाग फिलहाल अपनी प्रक्रियाओं में सुधार कर रहा है, परंतु पुराने लंबित मामलों ने जनता की चिंता बढ़ा दी है। समय पर उचित प्रबंधन न हो पाने से लोगों के जीवन और सरकारी कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है?
उत्तर: आवेदक को संबंधित प्रमाण पत्र अनुभाग में काउंटर पर आवेदन पत्र भरना होता है, जिसके बाद दस्तावेज जमा करके अनुमति लेनी होती है। - प्रश्न: देरी के कारण क्या हैं?
उत्तर: अस्पताल में तकनीकी-व्यवस्थागत अड़चनें और कागजी कार्रवाई में बाधाएं मुख्य कारण हैं। - प्रश्न: किससे संपर्क करें यदि प्रमाण पत्र न मिले?
उत्तर: अस्पताल उपाधीक्षक कार्यालय या जिला स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। - प्रश्न: क्या ऑनलाइन आवेदन संभव है?
उत्तर: अभी तक जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन सुविधा सीमित है, ज्यादातर प्रक्रिया काउंटर पर ही होती है। - प्रश्न: प्रमाण पत्र मिलने में कितना समय लगता है?
उत्तर: ताजा मामलों में कुछ सप्ताह लग सकते हैं, लेकिन पुराने मामलों में देरी अधिक हो सकती है।



