जमशेदपुर साइबर ठगी गिरोह से बड़ी सफलता, मानगो से चार आरोपी गिरफ्तार
JSRnews.com | Crime | 29 Jun 2026
परिचय:
जमशेदपुर पुलिस ने मानगो स्थित एक किराए के मकान से चार साइबर ठगी के आरोपियों को पकड़कर एक बड़े साइबर अपराध गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह पिछले दो वर्षों से देश के कई राज्यों में ऑनलाइन ठगी करने में संलिप्त था।
मुख्य तथ्य
- उड़ीसा के भगवती मोहंती से हुई शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू।
- मानगो, जवाहरनगर रोड नंबर-4 पर छापेमारी में चार आरोपियों की गिरफ्तारी।
- आरोपी जामताड़ा, देवघर और सरायकेला-खरसावां जिलों के रहने वाले।
- दो साल से मोबाइल ऐप, नकली ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से लोगों को ठगी के जाल में फंसाया।
- पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।
पृष्ठभूमि
जमशेदपुर में साइबर अपराध का बढ़ता खतरा पुलिस के लिए एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। मानगो क्षेत्र में रहकर संचालित इस गिरोह ने मोबाइल एप और फर्जी ऑनलाइन वेबसाइट के जरिए कई राज्यों के लोगों को अपने जाल में फंसाया। उड़ीसा निवासी भगवती मोहंती की शिकायत ने इस गिरोह की कनेक्शन की जांच को गति दी।
जमशेदपुर साइबर ठगी गिरोह की जांच
रांची पुलिस के साइबर सेल और स्पेशल टीम ने एनसीआरपी प्रतिबिंब पोर्टल, संदिग्ध नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच तेज की। इसके बाद मानगो के मकान में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गैंग में संजय कुमार सिंह, राहुल कुमार रवानी, सुनील कुमार झा और राहुल कुमार ठाकुर शामिल हैं।
ताजा अपडेट
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं जिनकी फोरेंसिक जांच चल रही है। अभी यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक कितनों को ठगी का शिकार बनाकर धनराशि ऐंठी है। पुलिस अन्य संभावित सहयोगियों की खोज में भी जुटी हुई है।
अधिकारियों के बयान
राजसिटी एसपी ललित मीणा ने कहा, "यह गिरोह काफी संगठित था और लंबे समय से ठगी कर रहा था। गिरफ्तारी से क्षेत्र में साइबर सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। हम मामले में और उजागर करने के लिए लगातार छापेमारी कर रहे हैं।"
जनता पर प्रभाव
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते इस्तेमाल के कारण लोग साइबर अपराध के प्रति सजग हो रहे हैं। इस गिरफ्तारी से आम जनता में थोड़ी राहत आई है, लेकिन लोग सतर्क रहकर ऑनलाइन लेनदेन करते रहे।
आगे क्या होगा?
पुलिस इस मामले को आगे बढ़ाते हुए गिरोह के अन्य सदस्य और उनके नेटवर्क का पता लगाने लगी है। जांच के बाद इनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि साइबर अपराध रोकने में मदद मिल सके।
निष्कर्ष
जमशेदपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने साइबर अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह सफलता नवाचार और डिजिटल सुरक्षा के लिए एक संदेश है कि अपराधी कहां और कैसे भी छुपें, आखिरकार पकड़ में आ ही जाते हैं।
FAQs
- सवाल: गिरोह कब से सक्रिय था?
जवाब: लगभग दो वर्षों से। - सवाल: आरोपियों की पहचान क्या है?
जवाब: संजय कुमार सिंह, राहुल कुमार रवानी, सुनील कुमार झा और राहुल कुमार ठाकुर। - सवाल: पुलिस ने क्या बरामद किया?
जवाब: कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य। - सवाल: क्या अभी भी अन्य सदस्य गिरफ्तार होंगे?
जवाब: हां, जांच जारी है। - सवाल: आम लोग कैसे सुरक्षित रहें?
जवाब: ऑनलाइन लेनदेन में सतर्क रहें, संदिग्ध लिंक न खोलें।



