जमशेदपुर साइबर ठगी: एटीएम कार्ड फंसने के बाद निकले 1 लाख रुपये
JSRnews.com | Crime | 02 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। छोटे गोविंदपुर के वीरेंद्र कुमार उपाध्याय के साथ हुई इस घटना में उनके बैंक खाते से लगभग एक लाख रुपये गायब हो गए, जिसकी शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
प्रमुख बिंदु
- एटीएम कार्ड फंसने के बाद साइबर ठगों ने 1 लाख रुपये निकाल लिए।
- पीड़ित वीरेंद्र कुमार उपाध्याय ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
- गोविंदपुर थाना पुलिस ने नामजद आरोपी और अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की।
- जांच में बैंक स्टेटमेंट और मोबाइल नंबर के जरिए पैसों के ट्रांजैक्शन का पता चला।
पृष्ठभूमि
26 जून को वीरेंद्र कुमार उपाध्याय दास मेडिकल के पास स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से लगभग 9,000 रुपये निकालने गए थे। जब उनका कार्ड मशीन में फंस गया, तब उन्होंने टोल फ्री नंबर पर कॉल की। कॉल रिसीवर ने खुद को तकनीकी सहायता कर्मी बताया और कार्ड निकालकर बाद में सूचित करने का भरोसा दिलाया। इससे वह घर लौट आए।
जमशेदपुर साइबर ठगी के ताज़ा अपडेट
रात करीब 11:40 बजे वीरेंद्र के मोबाइल पर खाते से 74,000 रुपये निकाले जाने का संदेश आया। बैंक स्टेटमेंट की जांच में पता चला कि विभिन्न ट्रांजैक्शन के जरिये करीब 1 लाख रुपये की निकासी हुई है। पुलिस को बैंक रिकॉर्ड से एक मोबाइल नंबर मिला जो पैसों के लेनदेन में संलिप्त है।
आधिकारिक बयान
गोविंदपुर थाना प्रभारी ने बताया कि 77568 79286 नंबर से जुड़े पटना निवासी मोहम्मद फैसल समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच चल रही है। साइबर अपराध में शामिल लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
सार्वजनिक प्रभाव
इस घटना से स्थानीय नागरिकों के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर भय बढ़ गया है। एटीएम या ऑनलाइन लेनदेन के दौरान सतर्कता बरतना अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। ठगी के इस प्रकार के मामलों में जागरूकता और सुरक्षित प्रथाओं के महत्व को समझना जरूरी है।
आगे क्या होगा?
पुलिस मामले में संलिप्त ठगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छानबीन कर रही है। संक्रमित मोबाइल नंबर का पता लगाकर साइबर ठगी के पीछे की योजनाओं को उजागर करने के लिए तकनीकी सहायता भी ली जा रही है।
निष्कर्ष
जमशेदपुर साइबर ठगी का यह मामला एटीएम पर सावधानी न बरतने की वजह से बड़ी रकम खोने की चेतावनी देता है। स्थानीय पुलिस की सक्रियता से उम्मीद जताई जा रही है कि दोषियों को जल्द निकाला जाएगा और आम जनता को बचाने के लिए जागरूकता और सुरक्षा उपायों को बढ़ावा मिलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- प्रश्न: इस तरह की साइबर ठगी से बचने के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं?
उत्तर: किसी भी संदेहास्पद कॉल या मैसेज के प्रति सतर्क रहें, एटीएम कार्ड फँसने पर केवल बैंक के आधिकारिक नंबर से सहायता लें और अपनी जानकारी साझा न करें। - प्रश्न: पुलिस ने अब तक कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है?
उत्तर: समाचार लिखे जाने तक नामजद आरोपी सहित अन्य अज्ञात आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है। - प्रश्न: क्या बैंक ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए कदम उठा रहा है?
उत्तर: बैंक साइबर सुरक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं, परन्तु ग्राहक की सतर्कता भी आवश्यक है।



