हिमांशु सिंह हत्याकांड में रवि दास ने पुलिस की निष्पक्ष जांच का बयान दिया
JSRnews.com | Crime | 14 Jul 2026
परिचय
झारखंड के जमशेदपुर में करणी सेना नेता हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में हिरासत में लिए गए सोनारी के निर्मल नगर निवासी रवि दास ने पुलिस द्वारा की गई जांच को निष्पक्ष बताया है। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पुलिस ने छह दिनों की कड़ी पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया क्योंकि उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले।
मुख्य तथ्य
- रवि दास को पश्चिम बंगाल के पुरुलिया से हिरासत में लिया गया।
- पुलिस ने राहुल दुबे की लोकेशन के आधार पर उनसे पूछताछ की।
- रवि दास ने स्पष्ट किया कि उन्होंने कभी फरार आरोपी को छुपाया नहीं।
- उन्होंने भाजपा नेता नीरज सिंह से केवल सामाजिक परिचय होने की बात कही।
- हिरासत में पुलिस द्वारा सम्मानजनक व्यवहार करने की बात कही।
पृष्ठभूमि
27 जून की रात बिष्टुपुर के डीडी बार के बाहर हिमांशु सिंह की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी, जिसने पूरे शहर में तनाव की स्थिति पैदा कर दी। इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। इस केस में कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार या न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जिनमें भाजपा नेता और डीडी बार संचालक नीरज सिंह भी शामिल हैं।
ताजा अपडेट
जांच के दौरान रवि दास को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था, क्योंकि पुलिस को शक था कि उन्होंने फरार आरोपी राहुल दुबे को पुरुलिया में शरण दी है। लेकिन उन्होंने इस आरोप को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनसे राहुल दुबे का केवल पुराना अपराधिक मामला जुड़ा था और वे उनसे किसी भी तरह की मदद नहीं कर रहे थे।
आधिकारिक बयान
रवि दास ने बताया कि हिरासत में पुलिस अधिकारियों ने उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया और डीएसपी मनोज ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जांच निष्पक्ष तरीके से होगी और दोषी ही जिम्मेदार ठहराए जाएंगे। अगर वह निर्दोष हैं तो पुलिस उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
जनता पर प्रभाव
इस हत्याकांड ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी, लेकिन अब जैसे-जैसे पुलिस जांच में निष्पक्षता सामने आ रही है, लोगों में विश्वास लौट रहा है। रवि दास ने युवाओं से अपील की है कि वे अपराध की दुनिया से दूर रहें और अगर किसी तरह की अपराध की सूचना मिले तो पुलिस को जरूर बताएं।
आगे क्या होगा
पुलिस वारदात के पीछे के सभी पहलुओं की जांच जारी रखेगी और जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर सकती है। मामले में न्यायिक प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर हिमांशु सिंह के परिवार को न्याय मिलना प्राथमिकता होगी।
निष्कर्ष
हिमांशु सिंह हत्याकांड ने शहर में एक बड़ी सनसनी मचा दी थी। लेकिन रवि दास के बयान से स्पष्ट हुआ है कि पुलिस आरोपों की जांच निष्पक्ष रूप से कर रही है। ऐसे मामलों में कानून का सम्मान और निष्पक्षता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- रवि दास को कब हिरासत में लिया गया था? रवि दास को पुरुलिया स्थित उनके ससुराल से हिरासत में लिया गया था।
- रवि दास ने पुलिस जांच के बारे में क्या कहा? उन्होंने पुलिस की निष्पक्ष जांच की बात कही और कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।
- क्या रवि दास का भाजपा नेता नीरज सिंह से कोई राजनीतिक संबंध है? नहीं, उनका नीरज सिंह से केवल सामाजिक परिचय है।
- हत्याकांड की तारीख क्या है? यह घटना 27 जून की रात हुई थी।
- पुलिस ने अब तक कितने आरोपियों को गिरफ्तार किया है? राहुल दुबे, राघवेंद्र समेत कई आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है।



