हजारीबाग में दावों की पोल खुली, मेडिकल कॉलेज में धक्का लगाकर 108 एंबुलेंस चलाई जा रही
हजारीबाग जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बार फिर से विवादास्पद खबर सामने आई है। जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 108 एंबुलेंस सेवा की बदतर हालत ने स्वास्थ्य विभाग के दावों को झूठा साबित कर दिया है। अस्पताल परिसर में एंबुलेंस को तकनीकी खराबी के कारण धक्का लगाकर चालू किया जा रहा है, जिसका वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।
JSRnews.com | Local | 28 May 2026
यह सेवा गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन जिसे बेहतर बताया जा रहा था, वह खुद खराबी से जूझ रही है। राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग लगातार हाईटेक और उच्च स्तरीय इमरजेंसी चिकित्सा सुविधा के दावे करते रहे हैं, परंतु हजारीबाग के अस्पताल में आज की स्थिति कुछ और ही दिखाती है।
जिले की एंबुलेंस स्थिति चिंताजनक
हजारीबाग में कुल करीब 35 एंबुलेंस चल रही हैं, जिनमें से आधे से अधिक की बैटरी खराब हैं। कई ऐसे वाहन हैं जिन्हें स्टार्ट करने के लिए धक्का देना पड़ता है। इस कारण गंभीर मरीजों के लिए समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज और उनके परिजन इस समस्या से बहुत परेशान हैं। वे बताते हैं कि इलाज, दवाईयां और जांच के साथ-साथ अब एंबुलेंस सेवा की खराब स्थिति से उनकी परेशानियां और बढ़ गई हैं। उन्हें डरा रहता है कि कहीं रास्ते में एंबुलेंस बंद न हो जाए।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल
इतनी संख्या में एंबुलेंस खराब होने का मतलब है अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही। मरम्मत और नियमित रखरखाव का अभाव साफ नजर आ रहा है। इसका प्रभाव सीधे गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या के प्रति स्थानीय लोग और मरीज नाखुश हैं और विभागीय सुधार की मांग कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों की मांग
- तत्काल खराब एंबुलेंस की मरम्मत और आवश्यक रख-रखाव किया जाए।
- अस्पताल में 108 आपातकालीन सेवा को बेहतर बनाने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाएं।
- स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए ताकि ऐसी समस्याएं पुनः न हों।
निष्कर्षतः, हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत सरकार के दावों से बहुत दूर है। इस विभागीय असमानता को लेकर जनमानस में गहरा रोष है और सुधार के लिए गंभीर कदम उठाने की आवश्यकता है।


