हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर बारिश में ट्रेन परिचालन बाधित, कई ट्रेनें फंसीं
परिचय
हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर शुक्रवार को भारी बारिश के कारण ट्रेन परिचालन प्रभावित हुआ। गया से कोडरमा घाट सेक्शन में फिसलन की वजह से कई ट्रेनें रुक गईं और परिचालन बाधित हो गया।
JSRnews.com | Local | 30 May 2026
प्रमुख बिंदु
- गया-कोडरमा घाट सेक्शन में बारिश से पटरियों पर फिसलन बढ़ी।
- दुरंतो एक्सप्रेस को अतिरिक्त इंजन लगाकर घाट पार कराया गया।
- कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर रोक दी गई।
- अप लाइन पर मालगाड़ी की कपलिंग टूटने से परिचालन बाधित हुआ।
पृष्ठभूमि
हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड झारखंड और बिहार के कई हिस्सों को जोड़ता है। यह रेल मार्ग अक्सर तेज बारिश के मौसम में परिचालन में बाधाएं देखता है, खासकर गया से कोडरमा तक के घाट क्षेत्र में। इस क्षेत्र की तेज ढलान और फिसलन के कारण अक्सर अतिरिक्त बैंकर इंजनों की सहायता से ट्रेनें आगे बढ़ाई जाती हैं।
ताजा जानकारी
शुक्रवार को सुबह करीब साढ़े आठ बजे हवा चली जब दुरंतो एक्सप्रेस गया से कोडरमा की ओर जा रही थी और बसकटवा हाल्ट के पास घाट चढ़ाई में तेज बारिश से पटरियां फिसलन भरी हो गईं। इससे ट्रेन के पहिए पकड़ नहीं बना पाए और ट्रेन को वहीं रोकना पड़ा। रेलवे कंट्रोल रूम को जानकारी देने के बाद अतिरिक्त बैंकर इंजन भेजकर सुरक्षित घाट पार कराई गई। इसी दौरान दुरंतो के पीछे चल रही मालगाड़ी भी फंस गई जिसे बाद में निकाला गया।
रेल परिचालन पर प्रभाव
बारिश के कारण कई यात्री ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर रोकना पड़ा। जनशताब्दी एक्सप्रेस पहाड़पुर स्टेशन पर, अजमेर सियालदह एक्सप्रेस गुरपा पर और वंदे भारत एक्सप्रेस टनकुप्पा में रुकी रहीं। झारखंड एक्सप्रेस मानपुर स्टेशन पर भी काफी समय तक खड़ी रही।
अप लाइन की समस्या
कोडरमा से रवाना हुई एक बाढ़ स्पेशल मालगाड़ी की कपलिंग टूटने से अप लाइन रेल परिचालन प्रभावित रहा। इस कारण एक यात्री ट्रेन भी कोडरमा स्टेशन पर देर तक रुकी रही। तकनीकी खराबी दूर करने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
अधिकारी बयान
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह प्री मॉनसून की पहली तेज बारिश थी जिसने घाट सेक्शन में परिचालन को प्रभावित किया। पूरे सेक्शन में 24 घंटे निगरानी रखी जाती है क्योंकि बारिश के दौरान भूस्खलन का खतरा बना रहता है।
यातायात पर असर
बारिश और परिचालन बाधा के कारण यात्रियों को काफी असुविधा हुई। कई ट्रेनों के रुकने से समय में देरी हुई और यात्री परेशान हुए। रेलवे ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की है।
आगे की प्रक्रिया
रेलवे प्रशासन ने घाट सेक्शन की सतर्कता बढ़ा दी है और बारिश के दौरान ट्रेनों को अतिरिक्त बैंकर इंजनों से सहायता दी जा रही है। आवश्यकतानुसार रेलवे ने बचाव और निगरानी टीमों को तैनात किया है।
निष्कर्ष
हावड़ा ग्रैंड कॉर्ड रेलखंड पर तेज बारिश रेल परिचालन में बाधा डालती है, जिससे यातायी असुविधा होती है। बारिश के मौसम में रेलवे प्रशासन की सतर्कता और उचित प्रबंधन आवश्यक है ताकि परिचालन बाधा कम से कम हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: बारिश के कारण ट्रेनें क्यों फंसती हैं?
उत्तर: पटरियों पर फिसलन की वजह से ट्रेन के पहिए पकड़ नहीं बना पाते जिससे ट्रेन आगे नहीं बढ़ पाती। - प्रश्न: बैंकर इंजन क्या होता है?
उत्तर: बैंकर इंजन अतिरिक्त इंजन होते हैं जो ढलान वाले घाट क्षेत्रों में ट्रेनों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। - प्रश्न: रेलवे ने यात्रियों के लिए क्या इंतजाम किए हैं?
उत्तर: आवश्यक स्टेशनों पर ट्रेनों को रोककर सुरक्षा और परिचालन को नियंत्रित किया जा रहा है। - प्रश्न: क्या रेल परिचालन जल्द सामान्य हो जाएगा?
उत्तर: तकनीकी समस्याएं दूर हो चुकी हैं, जिससे परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है। - प्रश्न: ऐसी समस्याओं से बचाव के लिए रेलवे क्या कर रहा है?
उत्तर: 24 घंटे निगरानी, अतिरिक्त इंजनों की मदद और बचाव टीमों की तैनाती के माध्यम से।


