गुजरात में बनेगा देश का सबसे लंबा सी ब्रिज, सफर होगा केवल 45 मिनट का
गुजरात में देश के सबसे लंबे समुद्री पुल (सी ब्रिज) का निर्माण शुरू होने जा रहा है, जो खंभात की खाड़ी पर लगभग 30 किलोमीटर लंबा होगा। इससे सौराष्ट्र के जामनगर, भावनगर, और भरूच के बीच सड़क मार्ग की दूरी उल्लेखनीय रूप से घट जाएगी और यात्रा का समय 7-8 घंटे से कम होकर सिर्फ 45 मिनट से 1 घंटे के बीच रहेगा।
JSRnews.com | National | 28 May 2026
यह नया सी ब्रिज जामनगर, भावनगर और भरूच को जोड़ने वाले हाई स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा होगा और गुजरात के औद्योगिक, व्यापारिक तथा परिवहन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की उम्मीद है। वर्तमान में भावनगर से सूरत या भरूच तक की यात्रा में काफी लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन इस परियोजना के पूरा होने पर दूरी कम होने के साथ ईंधन की खपत और यात्रा का समय दोनों कम हो जाएंगे।
सी ब्रिज: अटल सेतु से लंबा और हाई स्पीड एक्सप्रेसवे
भारत का वर्तमान में सबसे लंबा सी ब्रिज मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतु) है जिसकी लंबाई लगभग 21.8 किमी है, लेकिन गुजरात में बनने वाला यह नया पुल लगभग 30 किमी लंबा होगा, जो इसे देश का सबसे लंबा सी ब्रिज बना देगा। साथ ही यह छह लेन वाला हाई स्पीड एक्सप्रेसवे होगा, जो सूरत के औद्योगिक इलाकों को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा, जिससे मालभाड़ा और लॉजिस्टिक्स की मजबूती आएगी।
गुजरात की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बड़ा फायदा
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परियोजना यात्रा को आसान बनाने के साथ-साथ गुजरात के उद्योगों की लागत घटाकर व्यापार को बढ़ावा देगी। भावनगर के अलंग शिप ब्रेकिंग यार्ड को महत्वपूर्ण लाभ मिलेगा, साथ ही धोलेरा सेमीकंडक्टर हब को दक्षिण गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
यह परियोजना गुजरात के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों जैसे सोमनाथ और द्वारका तक पहुंच को भी सरल बनाएगी, जिससे पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार तथा व्यापार को फायदा होगा।
डीपीआर प्रक्रिया और निर्माण की तैयारी
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस दौरान समुद्री पर्यावरण, हाइड्रोलॉजिकल सर्वे, भूमि अधिग्रहण और पर्यावरणीय मंजूरी जैसे सभी जरूरी पहलुओं का व्यापक अध्ययन किया जाएगा। डीपीआर तैयार होते ही निर्माण के लिए टेंडर जारी किए जाएंगे और परियोजना की शुरुआत होगी।
यह मेगा परियोजना न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। हाई स्पीड कनेक्टिविटी, कम यात्रा समय और औद्योगिक विकास की संभावनाओं के कारण यह भारत की सर्वश्रेष्ठ सड़क परियोजनाओं में शामिल होगी।


