गोपालगंज में गंडक नदी में नाव पलटने से तीन मासूम बच्चियां लापता
बिहार के गोपालगंज जिले में गंडक नदी में बड़ी नाव हादसा हुआ है, जिसमें शुक्रवार सुबह डुमरिया घाट के पास तीन मासूम बच्चियां नदी में डूब गईं और लापता हो गईं। यह हादसा स्थानीय सल्लेहपुर टंडसपुर गांव के पास सामने आया, जहां बच्चियां रोज की तरह नाव से नदी पार कर खेत की ओर जा रही थीं।
JSRnews.com | Local | 29 May 2026
जानकारी के अनुसार, अचानक मौसम खराब हो गया और नदी में तेज धाराओं के कारण नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव पलटते ही तीनों बच्चियां नदी की तेज धारा में बहने लगीं। आसपास के लोगों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव के कारण सभी को बचाना संभव नहीं हो पाया।
घटना की खबर मिलते ही महम्मदपुर थाना पुलिस और स्थानीय प्रशासन की राहत टीम मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में जुट गई। गोताखोरों की टीम भी बच्चियों की तलाश में दिन भर नदी में सर्च कर रही है। एसडीआरएफ टीम को भी अलर्ट कर ऊपर से सहायता प्राप्त की जा रही है।
लापता बच्चियों में चंदन यादव की दो बेटियां और मजिस्टर राय की एक बेटी शामिल हैं, जिनकी उम्र लगभग 10 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद परिवार के सदस्य गमगीन हैं और पूरा गांव बच्चियों के बचाव के लिए दुआ कर रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के घाटों पर पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम न होने के कारण बार-बार इस तरह के हादसे हो रहे हैं। बरसात के मौसम में तेज बहाव वाले नदी पार करना बेहद खतरनाक है, पर लोगों के पास दूसरी कोई विकल्प भी नहीं है। ग्रामीणों ने जीवन रक्षा जैकेट, बेहतर नाव संचालन नियम और सुरक्षा प्रबंधों को सख्ती से लागू करने की मांग दोहराई है।
बिहार में हाल के समय में नाव दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ गई है, जो नदियों के जलस्तर बढ़ने और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण हो रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, संवेदनशील घाट पर निगरानी कड़ी करनी चाहिए ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल प्रशासन पूरी तरह से गंडक नदी में लापता तीन बच्चियों की खोज में लगा हुआ है और पूरे इलाके की निगाहें राहत एवं बचाव काम पर टिक गई हैं। जहां परिवारिक सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं प्रशासन भी इस दर्दनाक हादसे से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।


