डुमरिया में करैत सांप से दो महिलाओं की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट
JSRnews.com | Local | 13 Jun 2026
परिचय
पूर्वी सिंहभूम जिले के डुमरिया प्रखंड में करैत सांप के हमले की दो घटनाओं में दो महिलाओं की मौत ने पूरे इलाके को शोक में डूबा दिया है। इन घटनाओं में दोनों महिलाओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान बच नहीं पाई।
मुख्य बिंदु
- डुमरिया के बहादुरपुर और बेसारपहाड़ी गांवों में हुए दो अलग-अलग सांप काटने के मामले।
- दो महिलाओं, 18 वर्षीय सौरवी सरदार और 28 वर्षीय मिनी महाकुड की गई जान।
- डुमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से एमजीएम अस्पताल रेफर, लेकिन दोनों की मौत।
- परिजनों ने पहली महिला का पोस्टमार्टम नहीं कराया, दूसरी का शनिवार को होगा।
- परिवार ने सांप को पकड़कर अस्पताल तक ले जाना अनोखा पहलू।
- स्वास्थ्य विभाग ने सावधानी और समय पर इलाज के लिए जागरूकता बढ़ाने की अपील की।
पृष्ठभूमि
करैत सांप पूर्वी सिंहभूम समेत पूरे कोल्हान क्षेत्र में बेहद विषैला माना जाता है। यह सामान्यतः गर्मी और बरसात के मौसम में सक्रिय होता है। तापमान और नमी बढ़ने से सांप अपनी बिलों को छोड़कर निवास स्थान के करीब आती कई बार रहवासी इलाकों में भी आ जाते हैं। गांवों में जमीन पर सोना आम है, जिससे सांप से संपर्क की संभावना मिलती है। इस कारण हर वर्ष कई लोगों की सांप के काटने से मौत होती है।
करैत सांप का खतरा
करैत सांप का विष अत्यंत खतरनाक होता है, जो यदि जल्दी उपचार न मिले तो केवल कुछ घंटों में जानलेवा साबित हो सकता है। इसलिए चिकित्सकीय सहायता तुरंत लेना बेहद जरूरी है।
नवीनतम अपडेट
पहली घटना बहादुरपुर गाँव की है, जहां 18 वर्षीय सौरवी सरदार घर में सो रही थीं तभी करैत सांप ने गले और हाथ की उंगली में डस लिया। जहर तेजी से शरीर में फैलने लगा। परिवार ने उसे डुमरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद एमजीएम अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों ने मृत घोषित किया। परिवार ने पोस्टमार्टम से इनकार किया।
दूसरी घटना बेसारपहाड़ी गाँव की है, जहां 28 वर्षीय मिनी महाकुड को करैत सांप ने रात में डस लिया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें भी अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज चल रहा था लेकिन उनकी मौत हो गई। मिनी के परिवार ने इस सांप को पकड़ कर बोतल में बंद किया और महिला के साथ अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने सांप की पहचान करैत के रूप में की।
आधिकारिक बयान
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता बढ़ाने और एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही है। विभाग की ओर से लोगों से जमीन पर न सोने और सांप के काटने पर झाड़-फूंक से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही वक्त रहते अस्पताल पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
सामाजिक प्रभाव
इन दो मौतों ने बहादुरपुर और बेसारपहाड़ी गांव में शोक का माहौल पैदा कर दिया है। परिवार के सदस्य अपनों को खोकर गहरे दुख में हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से ग्रामीण क्षेत्रों में सांप से बचाव के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाने और स्वास्थ्य केंद्रों में वैनम की उपलब्धता बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
आगे क्या होगा?
स्वास्थ्य विभाग के साथ प्रशासन भी इस दिशा में कदम उठा रहा है। इलाके में सांप नियंत्रण और लोगों के बीच सतर्कता बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। साथ ही अस्पतालों में विषैले सांप के उपचार के उपकरण और दवाओं को बेहतर किया जाएगा।
निष्कर्ष
डुमरिया में करैत सांप के हमले से हुई दो महिलाओं की मौत एक गंभीर चेतावनी है कि ऐसे इलाके जहां रहवास और प्रकृति के बीच तालमेल बैठाना जरूरी है। समय पर चिकित्सा सहायता और सतर्कता ही इस प्रकार के हादसों को रोक सकती है। लोगों को जमीन पर सोने से बचना चाहिए एवं सांप के काटने पर तत्काल अस्पताल जाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- करैत सांप कितना खतरनाक होता है?
करैत सांप का विष अत्यंत घातक होता है, जो बड़ी तेजी से शरीर में फैलता है और समय पर इलाज न मिलने पर मौत का कारण बन सकता है। - सांप काटने पर क्या करना चाहिए?
झाड़-फूंक या घरेलू उपचार से बचना चाहिए और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचना चाहिए। - डुमरिया में सांप के हमले क्यों बढ़ रहे हैं?
गर्मी और बरसात में सांप अपने बिलों को छोड़कर निकले हैं और जमीन पर सोने की आदत से संपर्क बढ़ रहा है। - एंटी-स्नेक वेनम क्या होता है?
यह विषैले सांप के जहर को निष्प्रभावी करने वाली दवा होती है, जो समय पर मिलने पर जान बचा सकती है। - क्या प्रशासन ने कोई कदम उठाया है?
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी जारी की है और पर्याप्त एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध कराने तथा जागरूकता बढ़ाने की योजना तैयार की है।



