दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर बिरसा मुंडा स्टेडियम में भूमि पूजन का आयोजन
JSRnews.com | Local | 04 Aug 2026
परिचय:
सरायकेला में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर मंगलवार को बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में भूमि पूजन समारोह संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम उनके योगदान तथा सामाजिक न्याय के संघर्ष को याद करने के लिए आयोजित किया गया था।
मुख्य बिंदु
- शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर भूमि पूजन हुआ।
- प्रतिमा स्थापना के लिए विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न।
- झारखंड आंदोलन और आदिवासी अधिकारों के प्रति श्रद्धांजलि।
- बिरसा मुंडा स्टेडियम में प्रतिमा स्थापित होगी।
- अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पृष्ठभूमि
दिशोम गुरु एवं पद्म भूषण सम्मानित स्वर्गीय शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने आदिवासी और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया और जल, जंगल, जमीन की रक्षा के लिए प्रतिवाद किया। उनके नेतृत्व ने झारखंड के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भूमि पूजन व नवीनतम जानकारी
भूमि पूजन की शुरुआत विधिवत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसका संचालन पंडित घासीराम सतपति ने किया। बिरसा मुंडा स्टेडियम में उनकी प्रस्तावित प्रतिमा को स्थापित करने के लिए यह भूमि पूजन एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
आधिकारिक बयान
झामुमो के नेताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने शिबू सोरेन के सामाजिक न्याय और आदिवासी अधिकारों के प्रति समर्पण को याद करते हुए उनकी प्रतिमा स्थापना को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बताया। विधायक सविता महतो और गणेश महाली सहित अन्य नेताओं ने उनके आदर्शों का सम्मान किया।
जनता पर प्रभाव
शिबू सोरेन की विरासत को जीवित रखने के लिए यह प्रतिमा आदिवासी समुदाय में गर्व और जागरूकता बढ़ाएगी। इससे सामाजिक एकजुटता मजबूत होगी और राज्य आंदोलन के इतिहास को भी संरक्षित किया जाएगा।
आगे की गतिविधियाँ
प्रतिमा स्थापना के कार्य जल्द ही शुरू होंगे, इसके लिए स्थानीय प्रशासन तथा झामुमो द्वारा समन्वय किया जा रहा है। यह स्थल आने वाले समय में सामाजिक एवं सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र बनेगा।
निष्कर्ष
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर आयोजित भूमि पूजन समारोह ने उनके जीवन और संघर्ष को यादगार बनाने का प्रयास किया है। बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में उनकी प्रतिमा झारखंड के लिए सामाजिक न्याय और अधिकारों की लड़ाई को प्रेरणा देती रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- दिशोम गुरु कौन थे? - वे झारखंड आंदोलन के एक प्रमुख नेता और पद्म भूषण सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता थे।
- भूमि पूजन का क्या महत्व है? - किसी महत्वपूर्ण निर्माण या स्थापना कार्य की शुरुआत के लिए पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है।
- प्रतिमा कहाँ स्थापित की जाएगी? - सरायकेला के बिरसा मुंडा स्टेडियम परिसर में।
- क्या यह प्रतिमा झारखंड के लिए महत्वपूर्ण है? - जी हाँ, यह झारखंड आंदोलन और आदिवासी अधिकारों की याद को संरक्षित करने का प्रतीक होगी।
- भूमि पूजन में कौन-कौन शामिल थे? - क्षेत्रीय विधायक, झामुमो के नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।



