डिजिटल ठगी के आरोप में बर्मामाइंस में गिरिडीह कारोबारी के खाते से 10 हजार PhonePe से चोरी
JSRnews.com | Crime | 22 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में एक डिजिटल ठगी का मामला सामने आया है, जिसमें गिरिडीह के कारोबारी मानिक कुमार साव के बैंक खाते से PhonePe के जरिए 10,462 रुपये की चोरी की गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु
- बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में बैंक खाते से ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला।
- गिरिडीह के कारोबारी मानिक कुमार साव का PhonePe के माध्यम से 10 हजार रुपये से अधिक की राशि चोरी।
- तीन आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया।
- पुलिस जांच जारी और आगे की कार्रवाई संभव।
पृष्ठभूमि
मानिक कुमार साव गिरिडीह जिले के बिरनी थाना इलाके के तेतरिया गांव के निवासी हैं और उनका जमशेदपुर के बर्मामाइंस क्षेत्र में कुछ स्थानीय दुकानदारों के साथ वर्षों से व्यापारिक संबंध चल रहा था। नियमित लेन-देन के दौरान आरोपियों ने कथित रूप से उनके खाते से डिजिटल माध्यम से पैसे निकाल लिए।
ताजा अपडेट
बर्मामाइंस थाना पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबर और अन्य विवरण के आधार पर जांच शुरू की है। परसुडीह थाना क्षेत्र के कीताडीह पोस्ट ऑफिस के पास निवासी करण कुमार प्रसाद, सन्नी प्रसाद और सुखबीर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दायर की गई है। पुलिस आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाने की प्रक्रिया में है।
डिजिटल ठगी की जांच
पुलिस घटना से जुड़ी डिजिटल लेन-देन और दस्तावेजों की जांच कर रही है। परिस्थितियों के अनुसार तकनीकी माध्यमों से भी सबूत जुटाए जा रहे हैं ताकि मामले की गहराई तक पहुंचा जा सके।
अधिकृत बयानों से जानकारी
बर्मामाइंस थाना के अधिकारी ने बताया कि फिलहाल मामले की पूर्ण जांच चल रही है। सभी पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं और तकनीकी जांच के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
जनता पर प्रभाव
ऐसे डिजिटल ठगी के मामले आम जनता में सावधानी बरतने की जरूरत जताते हैं, खासकर डिजिटल ट्रांजेक्शन करते समय। लोग अपने बैंक खातों और ऐप की सुरक्षा को लेकर ज्यादा सतर्क हो रहे हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के प्रमाण इक्ठ्ठा करने के बाद ही आगामी कानूनी कदम उठाए जाएंगे। साथ ही आम लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के लिए जागरूक किया जाएगा।
निष्कर्ष
डिजिटल भुगतान की बढ़ती लोकप्रियता के साथ ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। इस घटना से साबित होता है कि सुरक्षा नियमों का पालन करना कितना आवश्यक है ताकि आम लोगों को आर्थिक नुकसान न हो। पुलिस मामले को गंभीरता से जांच रही है और जल्द परिणाम सामने आने की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- इस डिजिटल ठगी की घटना कब हुई?
सटीक तारीख का उल्लेख नहीं है, लेकिन शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है। - क्या आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
अभी पूछताछ के लिए बुलाने की प्रक्रिया जारी है। - डिजिटल ठगी से सुरक्षा कैसे करें?
दो-चरणीय प्रमाणीकरण का उपयोग करें और अपने खातों की नियमित जांच करें। - क्या इस मामले में अन्य लोग भी सुरक्षित हैं?
अभी कोई अन्य शिकायत रिपोर्ट नहीं हुई है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है। - पुलिस की अगली कार्यवाही क्या होगी?
जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



