दलमा में इको रेस्ट हाउस प्रोजेक्ट से बढ़ेगा पर्यटक आकर्षण और रोजगार
JSRnews.com | Local | 19 Jul 2026
परिचय
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में स्थित प्रमुख पर्यटन स्थल दलमा अब पर्यटकों के लिए और भी आकर्षक बनने जा रहा है। माकुलाकोचा में एक आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल इको रेस्ट हाउस लगभग पूरी तरह से तैयार हो चुका है। वन विभाग द्वारा जल्द ही इस रेस्ट हाउस का उद्घाटन कर इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
महत्वपूर्ण बिंदु
- माकुलाकोचा में 15 कमरे व आकर्षक फाउंटेन के साथ नया इको रेस्ट हाउस तैयार।
- पिंडराबेड़ा में अनोखे हैंगिंग डिजाइन वाला दूसरा इको रेस्ट हाउस निर्माणाधीन।
- दोनों परियोजनाओं में कुल 11 करोड़ रुपये का निवेश।
- स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
- कच्ची सड़क पर पेवर्स ब्लॉक लगाकर आवागमन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया गया।
पृष्ठभूमि
दलमा क्षेत्र को पारिस्थितिक पर्यटन के लिए विकसित करने का उद्देश्य कई वर्षों से वन विभाग की योजना में शामिल रहा है। झरनों, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध दलमा अब राज्य का प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्र बनने जा रहा है। इसके लिए माकुलाकोचा और पिंडराबेड़ा में आधुनिक रेस्ट हाउस बनाए गए हैं, जो पर्यटकों को आरामदायक ठहराव और नई अनुभव प्रदान करेंगे।
दलमा इको रेस्ट हाउस और परियोजना की नवीनतम जानकारी
माकुलाकोचा स्थित रेस्ट हाउस में 15 वातानुकूलित कमरों के साथ नयनरम्य फाउंटेन भी जोड़ा गया है, जो रात में रोशनी के साथ अपनी सुंदरता बढ़ाता है। वहीं, पिंडराबेड़ा में एक अलग तरह का 15 कमरों वाला हैंगिंग डिजाइन वाला रेस्ट हाउस बनाया जा रहा है, जिसमें भवन का एक हिस्सा पहाड़ की बाहरी दिशा में निकला हुआ होगा, जो एक अनूठा आकर्षण होगा। वन विभाग ने इस विकास कार्य पर कुल 11 करोड़ रुपये का व्यय किया है।
अधिकृत बयान
दलमा प्रभागीय वन पदाधिकारी (डीएफओ) सबा आलम अंसारी ने पुष्टि की है कि माकुलाकोचा का रेस्ट हाउस पूरी तरह से तैयार है, जबकि पिंडराबेड़ा परियोजना अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि इन सुविधाओं का उद्देश्य पर्यटन को प्रोत्साहित करना तथा क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार प्रदान करना है। रेस्ट हाउस के प्रबंधन की जिम्मेदारी इको विकास समिति को दी जाएगी, ताकि स्थानीय युवा इसमें सक्रिय रूप से जुड़ सकें।
पर्यटकों के लिए आसान पहुंच
वन विभाग ने चाकुलिया से माकुलाकोचा मुख्य प्रवेश द्वार तक लगभग डेढ़ किलोमीटर कच्ची सड़क पर पेवर्स ब्लॉक बिछाकर यात्रा को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है। इस कार्य में करीब सात लाख रुपये खर्च हुए हैं जिससे बरसात के मौसम में फिसलन से बचाव होगा और पर्यटकों के आने-जाने में सुविधा होगी।
जनता पर प्रभाव
नई सुविधाओं और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण दलमा में आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। साथ ही पर्यावरण-संरक्षण के साथ इको टूरिज्म के विकास से क्षेत्र की छवि निखरेगी।
आगे क्या होगा?
वन विभाग शीघ्र ही माकुलाकोचा में बने नए इको रेस्ट हाउस का उद्घाटन करेगा। पिंडराबेड़ा का एको रेस्ट हाउस निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जो जल्द पूरा होगा। इसके साथ ही वन विभाग और स्थानीय समिति मिलकर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए और कदम उठाएंगे।
निष्कर्ष
दलमा इको रेस्ट हाउस परियोजना न केवल पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव प्रदान करेगी, बल्कि क्षेत्रीय युवाओं को रोजगार देकर स्थानीय समुदाय को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। यह परियोजना झारखंड के पर्यटन क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ठोस कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- दलमा इको रेस्ट हाउस परियोजना में क्या-क्या सुविधाएं होंगी?
माकुलाकोचा में 15 कमरे, फाउंटेन, पेवर्स सड़क, और पिंडराबेड़ा में हैंगिंग डिजाइन वाले 15 कमरे शामिल हैं। - परियोजना की कुल लागत कितनी है?
दोनों योजनाओं पर लगभग 11 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। - स्थानीय लोगों को इसका क्या फायदा होगा?
पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। - वन विभाग ने सड़क सुधार में क्या किया है?
चाकुलिया से माकुलाकोचा तक की कच्ची सड़क पर पेवर्स ब्लॉक डालकर आवागमन को सुगम और सुरक्षित बनाया है। - परियोजना कब पूरी तरह शुरू हो जाएगी?
माकुलाकोचा का रेस्ट हाउस पूरी तरह तैयार है और पिंडराबेड़ा का निर्माण अंतिम चरण में है, जल्द ही दोनों चालू हो जाएंगे।



