CSR फंड के नाम पर NGO खाते से 3 करोड़ का साइबर खेल, मुख्य आरोपी जमशेदपुर में गिरफ्तार
JSRnews.com | Crime | 17 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के साइबर अपराध थाना ने CSR फंड के नाम पर NGO के खाते से करीब तीन करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला NGO के नाम से किए गए साइबर फ्रॉड को सामने लाता है जो स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय है।
मुख्य बातें
- NGO "HOPE- HELP FOR ALL FOUNDATION" के खाते का किया गया दुरुपयोग।
- करीब 3 करोड़ रुपये का फर्जी लेन-देन केवल पांच दिनों में।
- मुख्य आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु गिरफ्तार।
- इंटरनेट बैंकिंग और ईमेल का भी हुआ था दुरुपयोग।
- पुलिस लगातार अन्य साथियों की खोज में लगी हुई है।
पृष्ठभूमि
18 जून को NGO संचालिका रीना पांडेय ने साइबर अपराध थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके संगठन के खाते से कुल जमा तीन करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। शिकायत के आधार पर IT एक्ट की धाराओं में जांच शुरू की गई।
CSR फंड दिलाने का झांसा
जांच में पता चला कि आरोपी अमन कुमार सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर "HOPE- HELP FOR ALL FOUNDATION" नामक NGO का करंट अकाउंट एक्सिस बैंक में खुलवाया। इस खाते को CSR फंड दिलाने का भरोसा देकर बनाया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि चेकबुक और खाते से जुड़ा सिम कार्ड आरोपी के कब्ज़े में ले लिया गया।
नवीनतम जानकारी
पुलिस ने बताया कि 22 दिसंबर 2025 को आरोपी अमन कुमार सिंह, NGO की संचालिका को बहला-फुसला कर चेकबुक और सिम कार्ड लेकर लखनऊ गया। वहाँ पांच दिनों के भीतर इस खाते से लगभग 3 करोड़ रुपये का जमा और निकासी किया गया। अक्टूबर 2025 से ही आरोपी के पास NGO की ईमेल और इंटरनेट बैंकिंग की पहुंच थी, जिससे पूरा फ्रॉड अंजाम दिया गया।
अधिकारी बयान
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि आरोपी अमन कुमार सिंह उर्फ रघु को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह मूलतः उत्तर प्रदेश के देवरिया के निवासी हैं और वर्तमान में सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में रह रहे थे। पुलिस अन्य साथियों की धरपकड़ के लिए अभियान जारी रखे हुए है।
जनता पर प्रभाव
इस खुलासे ने NGO फंड के हितों की सुरक्षा को लेकर समाज में आशंका बढ़ा दी है। CSR फंड के दुरुपयोग से गैर सरकारी संगठनों की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुंचने की संभावना है। इस घटना से आम जनता में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत महसूस की गई है।
आगे क्या होगा?
पुलिस आरोपियों के अन्य गैंग सदस्यों की खोज कर रही है। मामले की गहराई से जांच जारी है, और NGO फंड प्रणाली में सुधार के लिए प्रशासनिक कदम उठाए जाने की संभावना है। इस तरह के फ्रॉड को रोकने के लिए तकनीकी और कानूनी सुधारों पर जोर दिया जाएगा।
निष्कर्ष
CSR फंड के नाम पर NGO के खाते से तीन करोड़ रुपये के साइबर घोटाले ने जमशेदपुर पुलिस और प्रशासन के लिए एक चुनौती पेश की है। हालांकि आरोपी गिरफ्त में आ चुका है, परन्तु इस घटना ने NGO और CSR फंड प्रक्रिया में सुधार और पारदर्शिता की जरूरीता को उजागर किया है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- CSR फंड क्या होता है?
कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) फंड वह राशि है जिसे कंपनियां समाज के विकास के लिए NGO या सामाजिक योजनाओं को देती हैं। - यह साइबर फ्रॉड कैसे हुआ?
आरोपियों ने NGO के खाते का गलत इस्तेमाल कर चेकबुक, सिम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया। - मुख्य आरोपी कौन है?
अमन कुमार सिंह उर्फ रघु, जो उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले हैं और वर्तमान में आदित्यपुर में रह रहे थे। - क्या अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है?
अभी अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है, पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। - पुलिस ने कौन-कौन सी कार्रवाई की है?
आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, मोबाइल फोन जब्त किया गया है और मामले की जांच जारी है।



