चाईबासा ट्रेजरी फर्जी निकासी मामले की जांच उच्चस्तरीय समिति को दी गई
परिचय
JSRnews.com | Local | 29 May 2026
झारखंड सरकार ने चाईबासा ट्रेजरी में वेतन मद से कथित फर्जी निकासी के मामले की जांच अब उच्चस्तरीय समिति को सौंप दी है। यह समिति पहले से ही राज्य के छह ट्रेजरी से जुड़ी फर्जी निकासी की जांच कर रही है।
प्रमुख बिंदु
- चाईबासा ट्रेजरी की फर्जी निकासी जांच उच्चस्तरीय समिति को सौंपना।
- सरकार ने महालेखाकार की रिपोर्ट के आधार पर समिति गठित की।
- बोकारो, हजारीबाग, देवघर, रांची, रामगढ़ और चाईबासा के ट्रेजरी मामले जांच के दायरे में।
पृष्ठभूमि
झारखंड सरकार ने वेतन मद से हुई फर्जी निकासी के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच तेज कर दी है। महालेखाकार की रिपोर्ट में चाईबासा के एसपी कार्यालय से जुड़े वेतन भुगतान में गड़बड़ी का उल्लेख किया गया। इससे पहले, समिति को बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी से संबंधित मामले की जांच दी गई थी।
चाईबासा ट्रेजरी फर्जी निकासी
चाईबासा ट्रेजरी से जुड़ी फर्जी निकासी की जांच उच्चस्तरीय समिति को मिलने के बाद, इस मामले की पड़ताल में और गहराई आएगी। महालेखाकार की रिपोर्ट में एसपी कार्यालय से जुड़े वेतन भुगतान में अनियमितता दर्ज है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है।
नवीनतम अपडेट
उच्चस्तरीय जांच समिति में आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में राज्य सरकार और महालेखाकार कार्यालय के अधिकारी शामिल हैं। समिति पिछले कुछ समय से देवघर, रांची, रामगढ़, बोकारो एवं हजारीबाग के ट्रेजरी से जुड़े फर्जी निकासी मामलों का भी अध्ययन कर रही है।
अधिकृत बयान
सरकार ने कहा है कि महालेखाकार की रिपोर्ट एवं जिला स्तरीय जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके आधार पर सभी मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी ताकि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
जनता पर प्रभाव
ट्रेजरी में फर्जी निकासी के मामले से जनता में सरकारी व्यवस्थाओं के प्रति चिंता फैल रही है। लोगों को उम्मीद है कि जांच से पारदर्शिता बढ़ेगी तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सकेगा।
आगे क्या होगा
उच्चस्तरीय समिति जल्द अपनी रिपोर्ट जारी करेगी। इसके बाद सरकार दोषियों के खिलाफ अनुशासनात्मक एवं कानूनी कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास करेगी।
निष्कर्ष
चाईबासा ट्रेजरी फर्जी निकासी मामले की जांच उच्चस्तरीय समिति को सौंपे जाने से झारखंड में वित्तीय अनुशासन सुदृढ़ होगा। यह कदम भ्रष्टाचार को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- चाईबासा ट्रेजरी फर्जी निकासी मामला क्या है? - यह वेतन मद से कथित फर्जी निकासी से संबंधित मामला है।
- कौन जांच कर रहा है? - आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति।
- कितने ट्रेजरी के मामले जांच में हैं? - छह ट्रेजरी मामलों की जांच समिति कर रही है।
- क्या इस जांच में अन्य जिलों के मामले भी शामिल हैं? - हां, बोकारो, हजारीबाग, रांची, रामगढ़, देवघर सहित चाईबासा के मामले शामिल हैं।
- जांच पूरी होने पर क्या कार्रवाई होगी? - दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कदम उठाए जाएंगे।


