बिरसानगर साइबर ठगी: बुजुर्ग दंपती का मोबाइल चोरी के बाद बैंक से ₹1.63 लाख निकाले गए
JSRnews.com | Crime | 04 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के बिरसानगर क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपती साइबर ठगी का शिकार बने हैं। विजय गार्डन के डिफोडिल्स अपार्टमेंट में रहने वाले 80 वर्षीय जितेंद्रनाथ मुखर्जी के मोबाइल चोरी होने के बाद उनके बैंक खाते से UPI के माध्यम से ₹1.63 लाख की राशि गायब हो गई। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कर रही है।
मुख्य बिंदु
- जितेंद्रनाथ मुखर्जी का मोबाइल चोरी हुआ, फिर दो बार गायब हुआ।
- बैंक खाते से UPI के जरिए ₹1.63 लाख की निकासी हुई।
- राशि निंदर कोर, अमरेंद्र भारती और राहुल गोराई के खातों में ट्रांसफर हुई।
- पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है।
पृष्ठभूमि
जितेंद्रनाथ मुखर्जी और उनकी पत्नी पिछले कई वर्षों से बिरसानगर थाना इलाके के विजय गार्डन के डिफोडिल्स अपार्टमेंट में रहते हैं। पिछले वर्ष नवंबर में उनके घर में काम करने के लिए एक महिला आई थी, जिसके कुछ ही महीनों बाद अप्रैल में उनका मोबाइल चोरी हो गया था। अनोखी बात यह है कि यह मोबाइल चोरी के बाद तीन दिन तक घर में ही मिला था, लेकिन फिर अचानक गायब हो गया।
साइबर ठगी का खुलासा
जब मोबाइल नहीं मिला तो जितेंद्रनाथ बैंक गए। वहां उन्होंने अपने खाते की जांच कराई तो पता चला कि उनके खाते से UPI के जरिए ₹1.63 लाख निकाले जा चुके हैं। जांच में यह भी पता चला कि ये पैसे निंदर कोर, अमरेंद्र भारती और राहुल गोराई के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं।
ताजा जानकारी
बिरसानगर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित व्यक्तियों को थाने बुलाकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विस्तार से जांच कर रही है ताकि साइबर अपराध की जड़ तक पहुंचा जा सके।
अधिकारी बयान
पुलिस सूत्रों के अनुसार, "हम पूरी कड़ी मेहनत से इस मामले की जांच कर रहे हैं। साइबर अपराधियों को पकड़ने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।"
जनता पर प्रभाव
यह घटना दर्शाती है कि मोबाइल चोरी और डिजिटल बैंकिंग के दौरान सतर्क रहने की अत्यंत आवश्यकता है। किसानों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर जागरूक होना होगा ताकि इस तरह के नुकसान से बचा जा सके।
आगे क्या होगा?
पुलिस जांच के बाद आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, स्थानीय प्रशासन द्वारा जनता को डिजिटल सुरक्षा के उपायों के बारे में जागरूक किया जाएगा।
निष्कर्ष
साइबर ठगी की इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि मोबाइल सुरक्षा और बैंकिंग लेनदेन को सतर्कता से करना जरूरी है। तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना देने से आर्थिक हानि को कम किया जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: UPI से पैसे चोरी होने पर क्या किया जाए?
उत्तर: तुरंत बैंक से संपर्क करें और मामला दर्ज कराएं। पुलिस को सूचित करें। - प्रश्न: मोबाइल चोरी होने पर क्या कदम उठाने चाहिए?
उत्तर: मोबाइल को ब्लॉक कराएं, बैंक पासवर्ड बदलें और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं। - प्रश्न: साइबर ठगी से कैसे बचें?
उत्तर: मोबाइल और बैंक ऐप की सुरक्षा बढ़ाएं, OTP और पासवर्ड साझा न करें। - प्रश्न: पुलिस जांच में कितना समय लग सकता है?
उत्तर: जांच की जटिलता पर निर्भर करता है, लेकिन पुलिस जल्द समाधान के लिए प्रयासरत है। - प्रश्न: क्या बुजुर्ग ज्यादा साइबर ठगी के शिकार होते हैं?
उत्तर: हाँ, तकनीकी समझ कम होने की वजह से बुजुर्ग अधिक खतरे में होते हैं।



