शबरी बस्ती की रविवार पाठशाला ने बच्चों को भगवान जगन्नाथ और रथ यात्रा का रोचक महत्व बताया
JSRnews.com | Local | 19 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के शबरी बस्ती में आयोजित रविवार पाठशाला में बच्चों ने भगवान जगन्नाथ और रथ यात्रा के गहन आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व के बारे में अनुभव किया। एफटीएस युवा के सहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम बच्चों के लिए एक सीखने का अनूठा अवसर साबित हुआ।
मुख्य बिंदु
- भगवान जगन्नाथ और रथ यात्रा से जुड़ी परंपराएँ समझाईं गईं।
- सौरभ सोनथालिया की अध्यक्षता में पाठशाला का आयोजन।
- प्रार्थना से सत्र की शुरुआत कर सकारात्मक माहौल बनाया गया।
- वीडियो और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से रोचक शिक्षण।
- मास्क बनाने की रचनात्मक गतिविधि भी समाहित।
पृष्ठभूमि
भगवान जगन्नाथ के महोत्सव को भारत की सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है। रथ यात्रा केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सहयोग का प्रतीक भी है, जिसमें सभी लोगों को समान माना जाता है। जमशेदपुर के स्थानीय युवा संगठन एफटीएस युवा ने इस परंपरा को बच्चों तक पहुँचाने का काम किया है।
रथ यात्रा का सांस्कृतिक महत्व
रथ यात्रा भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की भव्य यात्रा है जो गूंडिचा मंदिर तक होती है। यह यात्रा प्रेम, सहयोग और समानता का संदेश देती है, जो भारतीय संस्कृति की खास पहचान है।
ताज़ा अपडेट्स
सत्र के दौरान बच्चों को तीन बार "ॐ" के उच्चारण से शुरुआत कराई गई। उन्हें भगवान जगन्नाथ और उनके कार्टून स्वरूपों के बारे में वीडियो दिखाया गया, जिसके बाद प्रश्नोत्तरी हुई। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। मास्क मेकिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के मुखौटे बनाए।
आधिकारिक बयान
एफटीएस युवा के अध्यक्ष सौरभ सोनथालिया ने बताया कि रविवार पाठशाला के ज़रिए बच्चों में भारतीय संस्कार, नैतिक मूल्य और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि वे सर्वांगी्ण विकास कर सकें।
जनता पर प्रभाव
इस पहल से बच्चों में धार्मिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता गहरी हुई है। रथ यात्रा के संदेश ने उन्हें सामाजिक सद्भाव और सहयोग की भावना सिखाई है, जो सामूहिक जीवन के लिए आवश्यक है।
आगे क्या होगा?
एफटीएस युवा लगातार पाठशाला के माध्यम से ऐसी सांस्कृतिक और सामाजिक शिक्षा को जारी रखेगा। भविष्य में भी बच्चों के लिए रचनात्मक और शिक्षाप्रद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि उनकी पूरी व्यक्तित्व विकास प्राप्त हो सके।
निष्कर्ष
शबरी बस्ती की रविवार पाठशाला ने बच्चों को भगवान जगन्नाथ और रथ यात्रा के महत्व को न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से समझाकर उनकी सोच को व्यापक किया। इस प्रकार के कार्यक्रम सामाजिक समरसता और हिंदुस्तानी संस्कृति के संरक्षण में सहायक सिद्ध होते हैं।
सामान्य प्रश्न
- रथ यात्रा क्या है? - भगवान जगन्नाथ और उनके परिवार की भव्य रथ यात्रा जो भारत में प्रमुख परंपरा है।
- रथ यात्रा का सामाजिक संदेश क्या है? - प्रेम, एकता, सहयोग और समानता का परिचायक।
- शबरी बस्ती की रविवार पाठशाला में यह शिक्षा क्यों आवश्यक थी? - बच्चों में सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए।
- मास्क मेकिंग गतिविधि का उद्देश्य क्या था? - रचनात्मकता बढ़ाने और बारीकी से भगवान जगन्नाथ के प्रति लगाव विकसित करने के लिए।
- एफटीएस युवा का भविष्य के लिए क्या लक्ष्य है? - बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना और सामाजिक चेतना फैलाना।



