बहरागोड़ा पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में रैगिंग का आरोप, पिता ने DC से की जांच और कार्रवाई की मांग
JSRnews.com | Local | 17 Jul 2026
परिचय
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय बालिकुडिया में एक छात्र के साथ कथित रूप से रैगिंग और मारपीट का मामला प्रकाश में आया है। इस घटना को लेकर छात्र के पिता ने उपायुक्त से शिकायत की है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- कक्षा नौवीं के छात्र गोविन्द कुमार महतो के साथ सीनियर छात्रों द्वारा मारपीट और मानसिक उत्पीड़न का आरोप।
- छात्र के चेहरे पर चोट के निशान और पढ़ाई छोड़ने की स्थिति।
- पिता ने उपायुक्त से मामले की जांच और ठोस कार्रवाई की मांग की है।
- विद्यालय में भयपूर्ण माहौल व रैगिंग प्रतिबंधित अपराध होने के कारण प्रशासन का संज्ञान आवश्यक।
प्रसंग और पृष्ठभूमि
भारत में रैगिंग को दंडनीय अपराध माना जाता है और इसे रोकने के लिए कई नियम बनाए गए हैं। जवाहर नवोदय विद्यालय एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है, जो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करता है। ऐसे संस्थान में भी जब इस प्रकार की घटनाएं सामने आती हैं, तो इससे शिक्षा एवं बच्चों की सुरक्षा पर प्रश्नचिन्ह लगते हैं।
ताजा घटनाक्रम
गोविन्द कुमार महतो, जो कि पैनदा गाँव के निवासी हैं, कक्षा नौवीं के छात्र हैं। उनके पिता तारणी कान्तो महतो ने बताया कि कुछ वरिष्ठ छात्रों ने उनके पुत्र के साथ न केवल शारीरिक हिंसा की बल्कि मानसिक प्रताड़ना भी दी। घटना के बाद गोविन्द डरा हुआ है और पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गया है। शिकायत में कहा गया है कि सीनियर छात्रों की धमकियों के कारण अन्य छात्र भी आवाज उठाने में हिचकते हैं।
अधिकारियों के बयान
घटना की जानकारी मिलने पर हाउस मास्टर ने अभिभावकों से संपर्क किया, लेकिन शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने की बजाय प्रिंसिपल से संपर्क करने की सलाह दी। इस मामले में पिता ने उपायुक्त से सीधे कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
जनता पर प्रभाव
स्कूल में छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य सबसे अहम है। इस मामले से स्थानीय अभिभावकों के बीच चिंता बढ़ गई है। कई लोग स्कूल प्रशासन के प्रति सवाल उठा रहे हैं कि वे बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण क्यों सुनिश्चित नहीं कर पा रहे।
आगे क्या होगा?
इस मामले पर उपायुक्त की ओर से जल्द जांच शुरू करने और दोषी छात्रों के खिलाफ उचित क़ानूनी कार्रवाई करने की उम्मीद की जा रही है। साथ ही शिक्षण संस्थान में बच्चों को शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न से बचाने के लिए कड़े कदम उठाने की भी आवश्यकता है।
निष्कर्ष
बहरागोड़ा के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल गंभीर हैं। रैगिंग और मारपीट जैसी घटनाएं न केवल प्रभावित छात्र के लिए बल्कि पूरे शिक्षाकर्मियों और अभिभावकों के लिए चिंता का विषय हैं। ऐसे में उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- क्या रैगिंग भारत में अपराध है? – हाँ, रैगिंग को भारत में दंडनीय अपराध माना जाता है।
- क्या छात्रों की शिकायत पर उचित कार्रवाई होती है? – कानूनी तौर पर होनी चाहिए, लेकिन कई बार शिकायतकर्ता दबाव में आ जाते हैं।
- राज्य प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं? – इस मामले में उपायुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग की गई है, जो प्रक्रिया में है।
- क्या बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाता है? – विद्यालयों में सरकार द्वारा विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि ऐसे मामले मानसिक दबाव उत्पन्न करते हैं।
- इस घटना से अभिभावकों की क्या प्रतिक्रिया है? – वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की अपेक्षा रखते हैं।



