एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन बने भारतीय नौसेना प्रमुख, ऑपरेशनल तैयारी और आत्मनिर्भरता पर होगा जोर
परिचय
JSRnews.com | National | 31 May 2026
भारतीय नौसेना के नए प्रमुख के रूप में एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 मई को पदभार ग्रहण किया। उन्होंने नौसेना की ऑपरेशनल तैयारी, आधुनिकीकरण, नए तकनीकों के उपयोग तथा आत्मनिर्भर भारत के सपनों को साकार करने पर विशेष ध्यान देने की बात कही है।
प्रमुख बातें
- एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन बने नौसेना के 27वें प्रमुख।
- उनका फोकस ऑपरेशनल तैयारी और आत्मनिर्भरता पर रहेगा।
- निवर्तमान प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने सेवानिवृत्ति के बाद शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
- नौसेना की आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाने का संकल्प।
- स्वदेशीकरण और जवानों के कल्याण को प्राथमिकता।
पृष्ठभूमि
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को 1 जुलाई 1987 को नौसेना में कमीशन मिला था। वे संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, मुंबई के कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर तथा अमेरिका के न्यूपोर्ट नेवल वॉर कॉलेज से उच्च शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
ताजा अपडेट्स
नई कमान संभालने के बाद एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि वर्तमान क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति जटिल एवं चुनौतीपूर्ण है। इसलिए मेरी प्राथमिकता भारतीय नौसेना की युद्ध तैयारी और क्षमता को सर्वोच्च स्तर पर रखना होगी। नौसेना में नए उपकरणों तथा तकनीकों के सम्मिलन को भी बढ़ावा मिलेगा।
आधिकारिक बयान
एडमिरल स्वामीनाथन ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत स्वदेशी तकनीकों का प्रयोग बढ़ाना उनकी प्रमुख प्राथमिकता होगी। उन्होंने नौसेना के जवानों को विश्व के श्रेष्ठ पेशेवर बताते हुए उनके कल्याण एवं विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने पूर्व प्रमुख एडमिरल त्रिपाठी के योगदानों की सराहना की।
जनता पर प्रभाव
उनके नेतृत्व में नौसेना की ताकत बढ़ेगी, भारतीय समुद्री सुरक्षा और आर्थिक हित मजबूत होंगे। नई तकनीकों के तेज़ी से अपनाने से नौसेना की आधुनिकता और क्षमता में वृद्धि होगी। इससे नागरिकों को भी देश की सुरक्षा में विश्वास बढ़ेगा।
आगे क्या होगा
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन की अध्यक्षता में नौसेना के संचालन और आधुनिकीकरण परियोजनाओं को गति मिलेगी। साथ ही, स्वदेशी रक्षा उपकरणों के विकास और उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। जवानों के प्रशिक्षण और कल्याण के लिए भी नई पहल की जाएगी।
निष्कर्ष
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन भारतीय नौसेना के 27वें प्रमुख के रूप में एक नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। उनके अनुभव और दूरदर्शिता से नौसेना की क्षमताएं और स्वदेशीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन कब से नौसेना में हैं?
वे 1 जुलाई 1987 से भारतीय नौसेना में सेवा दे रहे हैं। - उनके मुख्य लक्ष्य क्या हैं?
ऑपरेशनल तैयारी, आधुनिकीकरण, नई तकनीकों का उपयोग, और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना। - पूर्व नौसेना प्रमुख कौन से हैं?
एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी। - उन्होंने किन जहाजों की कमान संभाली है?
आईएनएस विद्युत, आईएनएस विनाश, आईएनएस कुलिश, आईएनएस मैसूर और आईएनएस विक्रमादित्य। - उनके नेतृत्व में नौसेना को क्या लाभ होगा?
नौसेना की युद्ध क्षमता, तकनीकी आधुनिकीकरण और स्वदेशी रक्षा प्रणाली में मजबूती।

