आदित्यपुर पुलिस ने 23 साल से फरार स्थायी वारंटी को अड्डे से पकड़ लिया
JSRnews.com | Crime | 02 Aug 2026
परिचय
आदित्यपुर में पुलिस ने एक ऐसे स्थायी वारंटी को गिरफ्तार किया है जो करीब 23 वर्षों से फरार था। यह गिरफ्तारी आमदा थाना पुलिस की विशेष कार्रवाई के तहत हुई है, जिसने आरोपी को अधीनस्थ क्षेत्र के किराये के मकान से दबोचा।
प्रमुख तथ्य
- स्थायी वारंटी करम लोहार को 2003 के एक मामले में फरार चलाया जा रहा था।
- आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान के नेतृत्व में पुलिस ने गुप्त सूचना पर कार्रवाई की।
- आरोपी को न्यायालय पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
- फरार वारंटियों के खिलाफ लगातार अभियान जारी है।
पृष्ठभूमि
स्थायी वारंटी वह व्यक्ति होता है जिसके खिलाफ अदालत ने गिरफ्तारी का आदेश जारी किया हो और वह स्वयं मौजूद न हो। करम लोहार, जो आमदा के हिन्दुसाई गांव के निवासी हैं, वर्ष 2003 में एक आपराधिक मामले में स्थायी वारंटी घोषित किए गए थे। वह पिछले करीब दो दशकों से पुलिस की पकड़ से दूर रहे।
आखिरी घटनाक्रम
आमदा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि करम लोहार आदित्यपुर क्षेत्र के शिव नारायणपुर इलाके में किराये के मकान में छुपा हुआ है। पुलिस ने तत्परता से छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान के नेतृत्व में टीम सक्रिय थी।
अधिकारिक बयान
आमदा ओपी प्रभारी रामरेखा पासवान ने बताया कि फरार वारंटियों के विरुद्ध पुलिस लगातार अभियान चला रही है और किसी आरोपी को कानून की पकड़ से बचने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने आम जनता से सहयोग की भी अपील की ताकि अपराध नियंत्रण और शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
लोगों पर प्रभाव
इस गिरफ्तारी से स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और पुलिस की सक्रियता की सकारात्मक छवि बनी है। सामाजिक सुरक्षा के लिए यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
आगे क्या होगा?
गिरफ्तार करम लोहार को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस आगे भी ऐसे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए व्यापक अभियान चलाएगी ताकि कानून का राज मजबूत रहे।
निष्कर्ष
आदित्यपुर पुलिस की यह बड़ी सफलता कानूनी प्रक्रिया के प्रति जनता का विश्वास बढ़ाएगी और अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध होगी। निरंतर ऐसे अभियान सामाजिक शांति और सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- स्थायी वारंटी क्या है?
यह अदालत से जारी गिरफ्तारी आदेश होता है जिसे आरोपी पूरा करने के लिए कोर्ट में उपस्थित होना चाहिए। - करम लोहार कब से फरार था?
वह लगभग 23 साल से फरार चल रहा था। - गिरफ्तारी कैसे हुई?
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर किराये के मकान में छापेमारी की। - क्या पुलिस ऐसे अभियान जारी रखेगी?
हां, फरार वारंटियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। - आम जनता कैसे मदद कर सकती है?
किसी भी संदिग्ध या फरार व्यक्ति की सूचना पुलिस को तुरंत दे सकती है।



