आदित्यपुर नगर निगम सफाई कर्मियों ने धरना शुरू किया, न्यूनतम मजदूरी-पीएफ-ईएसआई की मांग तेज
JSRnews.com | Local | 01 Jul 2026
परिचय
आदित्यपुर नगर निगम के सफाई कर्मियों ने वेतन और सामाजिक सुरक्षा के अधिकारों के लिए जोरदार संघर्ष शुरू किया है। कर्मचारियों ने न्यूनतम मजदूरी लागू करने, पीएफ (पेंशन फंड) और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) की सुविधा देने की मांग के साथ बुधवार को धरना प्रदर्शन शुरू किया।
मुख्य बिंदु
- आदित्यपुर नगर निगम के सफाई कर्मी ठेकेदार की मनमानी के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
- प्रदर्शनकारी मजदूरी मांग रहे हैं, जो सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम दी जा रही है।
- पीएफ और ईएसआई जैसी जरूरी सुविधाएं कर्मचारियों को नहीं मिल रही हैं।
- ठेकेदार द्वारा धमकाने और काम से हटाने की भी बातें सामने आईं हैं।
- भाजपा नेत्री डिंपल लमाई ने आंदोलन को तेज करने की चेतावनी दी है।
पृष्ठभूमि
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र को सफाई के जिम्मे सात जोनों में बांटा गया है, जहां प्रत्येक में लगभग 25-25 सफाई कर्मी कार्यरत हैं। ये सफाई कर्मी ठेकेदार कंपनी के माध्यम से काम करते हैं, लेकिन आरोप है कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी के अपेक्षित स्तर से कम ₹350 प्रतिदिन वेतन दिया जाता है। इसके अलावा पीएफ और ईएसआई जैसी लाभकारी सुविधाएं भी उनसे छुपाई जा रही हैं।
न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा की मांग
कर्मचारियों का कहना है कि न तो पीएफ का लाभ मिला है और न ही ईएसआई की सुविधा मिल रही है, जो कानूनी तौर पर उनकी हकदार हैं। वे अपने हक की आवाज उठाने पर धमकाए जा रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति और अधिक दयनीय हो गई है।
ताजा अपडेट
बुधवार को भाजपा नेत्री डिंपल लमाई के नेतृत्व में 100 से ज्यादा सफाई कर्मियों ने नगर निगम कार्यालय के बाहर धरना शुरू किया। इस दौरान प्रशासन की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
आधिकारिक बयान
नगर निगम कार्यालय में जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित रह गए, जिससे इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई। हालांकि पार्टी नेतृत्व द्वारा साफ किया गया है कि सफाई कर्मियों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनकी मांगों पर उचित कदम उठाए जाएंगे।
जनता पर प्रभाव
धरने के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। मानसून के इस मौसम में कचरा न उठ पाने से संक्रमण और बीमारियों का फैलाव बढ़ सकता है, जिससे आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होगी।
आगे क्या होगा?
सफाई कर्मी अपनी मांग पूरी न होने तक धरना जारी रखने के संकेत दे चुके हैं और काम बंद करने की चेतावनी भी दी है। नगर निगम प्रशासन व ठेकेदार के बीच जल्द समाधान न निकला तो आंदोलन को व्यापक रूप लेने की संभावना बनी हुई है।
निष्कर्ष
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के सफाई कर्मियों की न्यूनतम मजदूरी, पीएफ व ईएसआई जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं की मांगें न्यायसंगत हैं। ये कर्मचारी शहर की स्वच्छता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके अधिकारों का संरक्षण जरूरी है। नगर निगम प्रशासन एवं संबंधित ठेकेदार को शीघ्र संवेदनशील होकर उनके मुद्दों का समाधान करना होगा ताकि सफाई व्यवस्था सुचारू रह सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- सफाई कर्मी किस वजह से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं?
वे न्यूनतम मजदूरी और पीएफ-ईएसआई जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। - क्या प्रशासन ने उनके मुद्दों पर कोई जवाब दिया?
प्रदर्शन के दौरान नगर निगम कार्यालय में कोई अधिकारी मौजूद नहीं था, जिससे जवाब नहीं मिल सका। - धरने का क्या असर हो सकता है?
यह शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित कर सकता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है। - आंदोलन कितने दिन तक जारी रह सकता है?
कर्मचारी अपनी मांगें पूरी न होने तक धरना और काम बंद करने की चेतावनी दे चुके हैं। - क्या ठेकेदार पर कोई कार्रवाई हुई है?
अभी तक आरोप हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।



