72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में जमशेदपुर के रवि राज मुर्मू को मिला सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का अवॉर्ड
JSRnews.com | National | 19 Jul 2026
परिचय
झारखंड के जमशेदपुर के युवा फिल्मकार रवि राज मुर्मू ने 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में "सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक" का सम्मान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी संताली भाषा में बनी शॉर्ट फिल्म "आंगेन" ने देशभर में अपनी प्रभावशाली प्रस्तुति से सबका दिल जीत लिया है।
मुख्य बिंदु
- रवि राज मुर्मू को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में नवोदित निर्देशक के लिए सम्मान मिला।
- 12 मिनट की शॉर्ट फिल्म "आंगेन" जमशेदपुर और इसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में फिल्माई गई।
- फिल्म में स्थानीय कलाकारों ने झारखंड की सांस्कृतिक गहराइयों को सुंदरता से प्रस्तुत किया।
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस उपलब्धि को झारखंड के लिए गौरव बताया।
पृष्ठभूमि
रवि राज मुर्मू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज से पूरी की। इसके बाद उन्होंने पुणे में फिल्म एडिटिंग की पढ़ाई के साथ सिनेमा की तकनीकी समझ हासिल की। उन्होंने अपने व्यावहारिक ज्ञान और झारखंड की लोक संस्कृति के मेल से शॉर्ट फिल्म "आंगेन" बनाई, जिसमें संताली समाज की परंपराओं का खूबसूरत चित्रण किया गया है।
ताजा अपडेट
फिल्म की पूरी कहानी संताली भाषा में बनाई गई है, जिसने न केवल स्थानीय दर्शकों बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशंसा पाई है। फिल्म में भूमिका निभाने वाले कलाकार रामचंद्र मार्डी, सलोनी, जीतराय हांसदा और फुलमनी जैसे स्थानीय एक्टर्स हैं, जिनके स्वाभाविक अभिनय ने फिल्म को जानदार बनाया है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सफलता
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में रवि राज मुर्मू को "सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक" का अवॉर्ड प्रदान किया गया, जिसने उनके कलात्मक प्रयासों को मान्यता दी है। यह सम्मान झारखंड के सिनेमा जगत में एक नया अध्याय जोड़ता है।
अधिकृत बयान
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रवि राज मुर्मू को बधाई देते हुए कहा, "यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गर्व और संताली भाषा का सम्मान है। 'आंगेन' फिल्म ने झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को एक राष्ट्रीय मंच प्रदान किया है।"
जनता पर प्रभाव
यह सम्मान युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना है, जो क्षेत्रीय भाषा और सांस्कृतिक विषयों को सिनेमा के माध्यम से लोकप्रिय बनाना चाहते हैं। इससे झारखंड के युवा फिल्मकारों को अपने हुनर को निखारने का अवसर मिलेगा।
आगे क्या होगा?
रवि राज मुर्मू की यह कहानी स्थानीय फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करेगी और संभावित रूप से झारखंड के सांस्कृतिक विषयों परऔर फिल्मों को प्रोत्साहित करने में सहायक साबित होगी। यह देशभर के फिल्म उत्सवों में झारखंड की संस्कृति की पहचान बढ़ाने का माध्यम बनेगा।
निष्कर्ष
रवि राज मुर्मू की 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में मिली सफलता न केवल उनकी प्रतिभा का परिचायक है बल्कि यह झारखंड की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। "आंगेन" फिल्म ने सीमित अवधि में भी गहरी छाप छोड़ी है, जो आने वाले समय में नए फिल्मकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार कब होते हैं? - राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार हर वर्ष भारतीय सिनेमा की उत्कृष्ट कृतियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किए जाते हैं।
- रवि राज मुर्मू की फिल्म 'आंगेन' किस भाषा में बनी है? - यह फिल्म संताली भाषा में बनी है।
- फिल्म 'आंगेन' की लंबाई क्या है? - यह शॉर्ट फिल्म केवल 12 मिनट की है।
- रवि राज मुर्मू की शिक्षा कहाँ हुई? - उन्होंने जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और पुणे में फिल्म एडिटिंग सीखी।
- फिल्म का विषय क्या है? - फिल्म संताली समाज की संस्कृति, परंपराएं एवं जीवनशैली को संवेदनशील रूप में दर्शाती है।



