14वीं JPSC परीक्षा धांधली के विरोध में भाजयुमो का साकची में मशाल जुलूस, सरकार को चेतावनी
JSRnews.com | Politics | 21 Jul 2026
परिचय
झारखंड के जमशेदपुर में 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित भ्रष्टाचार और धांधली के खिलाफ भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। यह प्रदर्शन साकची के जिला भाजपा कार्यालय से शुरू होकर जुबिली पार्क गोलचक्कर तक मशाल जुलूस के रूप में निकाला गया।
प्रमुख बिंदु
- भाजयुमो ने परीक्षा में धांधली के आरोपों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
- नीतीश कुशवाहा और दिनेश कुमार के नेतृत्व में मशाल जुलूस निकाला गया।
- सरकार से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई।
- जरूरी कार्रवाई न होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी गई।
प्रश背景
JPSC की परीक्षाएं झारखंड में सरकारी नौकरियों के लिए प्रमुख माध्यम हैं, जिनमें संयोजित सिविल सेवा परीक्षाएं शामिल हैं। हाल ही में 14वीं परीक्षा में मजदूरों और युवाओं के बीच धांधली की बात सामने आई है, जिससे प्रतियोगियों में नाराजगी फैल गई है। पहले भी राज्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं।
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मंगलवार को भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि परीक्षा में अनियमितताएं हुई हैं, जिससे युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। मशाल जुलूस के दौरान मांगें रखीं गईं कि उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित हो।
official statements
भाजयुमो के जिला अध्यक्ष नीतीश कुशवाहा ने कहा, "हम युवाओं के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। हम चाहते हैं कि परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी हो। यदि सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं लिया, तो हम व्यापक आंदोलन करेंगे।" पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार ने भी इस बात पर जोर दिया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
जनता पर प्रभाव
इस मुद्दे से राज्य के लाखों युवाओं की उम्मीदें जुड़ी हैं क्योंकि वे निष्पक्ष प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से अपनी मेहनत का फल पाने की इच्छा रखते हैं। परीक्षाओं में अनियमितताएं युवाओं में निराशा बढ़ा रही हैं और रोजगार की संभावनाओं पर संकट बना रही हैं।
अगले कदम क्या होंगे
भाजयुमो ने सरकार को अंतिम चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है, तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। यह आंदोलन कई चरणों में किया जाएगा और युवा संगठनों द्वारा व्यापक समर्थन मिलेगा।
निष्कर्ष
14वीं JPSC परीक्षा में धांधली के आरोपों से उपजे विवाद ने युवाओं की नाराजगी को जोर दिया है। भाजयुमो के विरोध प्रदर्शन ने सरकार पर दबाव बनाया है कि वह मामले की गहराई से जाँच करे और कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए। अगर सरकार ने चेतावनी को नजरअंदाज किया, तो राज्य में व्यापक आंदोलन की स्थिति बन सकती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: 14वीं JPSC परीक्षा में धांधली के क्या आरोप हैं?
उत्तर: परीक्षा में निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए अनुचित तरीके से परिणाम प्रभावित करने के आरोप हैं। - प्रश्न: भाजयुमो ने क्या कार्रवाई की मांग की है?
उत्तर: दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा की निष्पक्ष जांच। - प्रश्न: सरकार ने अब तक क्या जवाब दिया है?
उत्तर: अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। - प्रश्न: इसका युवाओं पर क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर: युवाओं में डर और निराशा बढ़ी है, जिससे रोजगार की उम्मीदों को धक्का लगा है। - प्रश्न: आगे क्या होने की संभावना है?
उत्तर: अगर सरकार ने कदम नहीं उठाए, तो राज्यव्यापी आंदोलन की संभावना है।



